नगर परिषद के शहर में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को गलत कार्रवाई को गलत ठहराते हुए शहर के एक व्यापारी ने इसे अदालत में चुनौती दी है। इस पर अदालत ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान और जींद के नायब तहसीलदार आनंद कुमार को समन भेज कर जवाब देने को कहा है। गौरतलब है कि पिछले करीब डेढ़ साल से शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चल रहा है। ऐसे में नगर परिषद ने कुछ दिन पहले ही पुरानी अनाज मंडी और काठ मंडी के पास भी अभियान चलाया था।
इस पर एक लोहा कारोबारी कुंज बिहारी ने प्रशासन की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए इसे अदालत में चुनौती दी है। इसमें कुंज बिहारी ने कहा है कि नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान, एमई सतीश गर्ग, बलराज सिंगला, एसआई अशोक सैनी, सुरेश पटवारी व नायब तहसीलदार आनंद कुमार ने अपनी प्रशासनिक शक्तियों का गलत प्रयोग किया है। कुुंज बिहारी का दावा है कि अदालत ने पुरानी अनाज मंडी की सभी दुकानों को तोड़ने पर अदालत ने रोक लगा रखी है। इसके बावजूद नगर परिषद अधिकारियों ने नायब तहसीलदार आनंद कुमार की मौजूदगी में इन दुकानों को तोड़ा। अब सभी लोगों को बुधवार को अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा है।
पूरी कार्रवाई नियमानुसार हुई है। अदालत में जाने को अधिकार सभी को है। समन मिला है, इसका जवाब अदालत में दे दिया जाएगा।
डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद।
डीसी के दरबार पहुंचे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोग
वहीं कुछ दिन पहले नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने के मामले में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोग डीसी विनय सिंह से मिलने पहुंचे। डीसी के मीटिंग में होने के कारण लोगों ने डीसी ऑफिस में शिकायत दी। डीसी मिलने पहुंच अंकित, बालमुकुंद, वीना देवी, सावित्री, पिंकी व उषा ने कहा कि नगर परिषद के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि अतिक्रमण करने वाले सभी मकानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लोगों ने कहा प्रशासन कार्रवाई को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कहीं भी आगे कार्रवाई नहीं हुई। वहीं नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान के अनुसार पूरे शहर को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान चल रहा है, ऐसे में जल्द ही यहां भी कार्रवाई की जाएगी।