नई परिवहन नीति के खिलाफ आंदोलन कर रहे रोडवेज कर्मचारियों ने अब 29 मई को प्रदेश भर में प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इसको लेकर वीरवार को रोडवेज कर्मचारियों की मीटिंग हुई। इसमें संघर्ष समिति के सदस्य बलराज देशवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की नई परिवहन नीति को लेकर सरकार ने हाईकोर्ट में जो शपथ पत्र दिया है, उससे काफी निराशा हुई है। रोडवेज नेताओं ने कहा कि रोडवेज यूनियनों के बीच पहले 13 अप्रैल और फिर 13 मई को बातचीत हुई थी। इस पर जो सहमति बनी, उसके अनुसार कार्रवाई नहीं हो रही है।
रोडवेज नेताओं ने कहा कि सरकार रोडवेज का निजीकरण चाहती है, लेकिन रोडवेज कर्मचारी इसका विरोध जारी रहेगा। बैठक में यह फैसला लिया गया कि सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में पहले 29 मई को प्रदेश के रोडवेज के तमाम डिपो मुख्यालयों पर रोडवेज कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन 29 मई को सुबह नौ से 11 बजे तक दो घंटे के लिए होगा। इससे बात नहीं बनी तो फिर 18 जून को पानीपत के मतलौडा में परिवहन मंत्री के कैंप आफिस का घेराव किया जाएगा। नौ जुलाई को करनाल में सीएम के कैंप आफिस का घेराव कर रोडवेज कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करेंगे। बैठक में रोडवेज कर्मचारी नेता सरबत पूनिया, हरिनारायण शर्मा, वीरेंद्र धनखड़, अनूप सहरावत, आजाद मलिक, वीरभान ढुल, इंद्र बधाना, रमेश सैनी, महावीर मलिक, रणबीर शर्मा, रतन जांगड़ा, आजाद गिल मौजूद रहे।