अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर रविवार को शुरू किया गया धरना ईक्कस गांव में दूसरे दिन भी जारी रहा। सुबह नौ बजे से शुरू हो कर धरना प्रशासन की शर्तों के अनुसार शाम चार बजे तक चला। इसके बाद कुछ लोग यहां सामान की रखवाली के लिए रहे। एक ओर, जाट नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, वहीं प्रशासन भी अलर्ट रहा। टेनरी मोड़ पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
दूसरे दिन धरने पर युवाओं की संख्या कम रही। दर्जन भर महिलाओं ने भी शिरकत की। गौरतलब है कि आंदोलन में शामिल होने पर मुकदमा दर्ज हुआ तो ऐसे लोगों को नौकरी से अयोग्य करने की सरकार ने बात कही है। हालांकि धरने पर दर्जनों युवक पहुंचे, लेकिन इनमें से अधिकतर समिति के वालंटियर शामिल रहे।
रागिनियों से बताई किसानों की दुर्दशा
धरने के दौरान लोगों का मनोरंजन करने के लिए छात्तर गांव निवासी ईश्वर सिंह लोक गायक की पार्टी विशेषतौर पर पहुंची। यहां ईश्वर सिंह ने अपनी रागिनियों के माध्यम से देश की राजनीति में फैले भ्रष्टाचार और किसानों की हालत पर कटाक्ष किए।
तैनात रहे सुरक्षाकर्मी
धरना स्थल पर पुलिसकर्मी और सुरक्षा एजेंसियों के लोग सादी वर्दी में तैनात रहे। वहीं, टेनरी मोड़ पर अर्धसैनिक बालों को तैनात किया गया। यहां एएसपी लोकेंद्र सिंह ने सुरक्षा का जायजा लिया।
रात को धरने का नहीं कार्यक्रम
अभी तक रात को धरने का कोई कार्यक्रम नहीं है। हर रोज धरने के बाद शाम को अगले दिन की रूपरेखा के लिए मीटिंग की जाती है। सरकार की ओर से बातचीत को कोई निमंत्रण नहीं आया है। समिति करीब 2200 युवाओं पर बने केस वापसी, आंदोलन में मारे गए लोगों के परिवार को नौकरी, घायल हुए लोगों को मुआवजा व जाट आरक्षण को नौवीं अनुसूचित में डालकर इसे पक्का करने की मांग कर रही है। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
वीरभान ढुल, जिलाध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति
प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। टेनरी मोड़ पर 250 से अधिक सुरक्षाकर्मी, वाटर कैनन व अन्य इंतजाम के साथ हैं। किसी को भी कानून तोड़ने की अनुमति नहीं है। ऐसा करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
लोकेंद्र सिंह, एएसपी