जींद। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि समय पर जारी हो। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है।
वर्ष 2025-26 की मासिक योजनाओं के तहत विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर दी जाने वाली द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ तिमाही की प्रोत्साहन राशि के लिए छात्रों का डाटा वन स्कूल एप पोर्टल पर 9 फरवरी तक अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है।
मौलिक शिक्षा हरियाणा के महानिदेशक ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पत्र में बताया गया है कि पहले यह डाटा 27 जनवरी तक पोर्टल पर अपडेट किया जाना था लेकिन अब तक कई स्कूलों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अंतिम अवसर प्रदान किया है और चेतावनी दी है कि तय समय सीमा तक डाटा अपडेट न होने की स्थिति में जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अपने अधीन सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय मुखियाओं को निर्देशित करें कि वह हर हाल में नौ फरवरी तक पात्र विद्यार्थियों का पूरा डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दें। यदि किसी भी पात्र विद्यार्थी को छात्रवृत्ति या प्रोत्साहन राशि से वंचित रहना पड़ता है तो इसकी पूरी जवाबदेही संबंधित कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी या स्कूल प्राचार्य की होगी।
डुप्लीकेसी या वित्तीय अनियमितता सामने आने पर विद्यालय प्रबंधन जिम्मेदार माने जाएंगे
शिक्षा विभाग ने यह भी साफ किया है कि डाटा अपलोड के दौरान किसी भी प्रकार की डुप्लीकेसी या वित्तीय अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारी और विद्यालय प्रबंधन पूरी तरह जिम्मेदार माने जाएंगे। विद्यालय स्तर पर अपलोड किए गए डाटा के आधार पर ही निदेशालय की ओर से पात्र विद्यार्थियों की सूची तैयार कर पीएफएमएस या डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
लिंग के अनुसार अलग-अलग छात्रवृत्ति राशि निर्धारित
एचआर-4 स्कीम के तहत लड़कों को पहली से पांचवीं कक्षा में 450 रुपये, छठी से आठवीं कक्षा में 600 रुपये जबकि लड़कियों को पहली से पांचवीं कक्षा में 675 रुपये और छठी से आठवीं कक्षा में 900 रुपये की राशि मिलती है। इसी तरह एचआर-5 बीपीसीएल और एचआर-7 बीसी-ए योजनाओं में भी कक्षा और लिंग के अनुसार अलग-अलग छात्रवृत्ति राशि निर्धारित है।
वर्जन
जिले के अधिकांश राजकीय स्कूलों ने डाटा पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया है। जिन स्कूलों ने अब तक यह कार्य नहीं किया है उन्हें स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह समय से नौ फरवरी तक डाटा अपलोड करें ताकि किसी भी विद्यार्थी को छात्रवृत्ति से वंचित न होना पड़े।
-महेंद्र सिंह जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद