जींद। हर वर्ष जिले में मानसून के कारण होने वाली बारिश चलते हजारों एकड़ में फसल डूब जाती है। इसके बचाव को लेकर प्रशासन ड्रेनों की सफाई का हर वर्ष काम शुरू करता है, लेकिन मानसून आने से पहले पूरी सफाई नहीं होती।
जिले में सिंचाई विभाग की 47 ड्रेन हैं। इनकी लंबाई 308 किलोमीटर की है। पिछले कई वर्षों से बारिश ज्यादा होने व ड्रेनों की सफाई नहीं होने से धान, कपास व बाजरे समेत अन्य सभी फसलों पर संकट आता है। जुलाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा समस्या जलभराव के कारण होती है। इसके लिए अभी तक ड्रेन की सफाई नहीं हो पाई।
ड्रेन में पानी निकास के लिए रखे गए पंपसेट भी फिलहाल चालू हालात में नहीं हैं। इन सभी समस्याओं का समय रहते समाधान करने के लिए वीरवार को डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने भी ड्रेनों की जांच के लिए दौरा किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय समय अवधि में सभी कार्य पूरे हो जाने चाहिए, ताकि जलभराव जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़े। इस कार्य में किसी भी विभाग की लापरवाही एवं कोताही सहन नहीं की जाएगी। जिले में फिलहाल पौली लिजवाना, ड्रेन, निजामपूर- भैरोखेड़ा ड्रेन, कालवा- किनाना ड्रेन समेत अन्न कई ड्रेनों पर सफाई का काम किया जा रहा है।
जलभराव के दौरान हर वर्ष पंप मिलते हैं खराब
जिले में जब भी बरसात के कारण जलभराव होता है। उस समय अधिकतर ड्रेन पर रखे पंप सेट खराब हालात में मिलते हैं। इसके कारण किसान खुद के ट्रैक्टर व मोटर लगाकर पानी की निकासी के लिए प्रयास करते हैं, लेकिन स्थाई व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी निकासी में कई दिन लगते हैं। इतने समय में किसानों की फसल खराब हो जाती है।
हर वर्ष पंपसेट समय से पहले चालू करवाने के दिए जाते हैं निर्देश
जिला प्रशासन सिंचाई विभाग को हर वर्ष समय से पहले पंप सैट सुचारू करने के निर्देश देता है, लेकिन यह व्यवस्था हर बार ठप हो जाती है। इस बार भी डीसी ने इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सभी अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए हैं।
25 जून तक मानसून आने के आसार
जिले में इस बार 25 जून तक मानसून आने के आसार हैं। इससे पहले ही सभी ड्रेन की सफाई करवानी अनिवार्य है। इससे पहले सफाई नहीं हुई तो जुलाना, उचाना, नरवाना, पिल्लूखेड़ा और सफीदों क्षेत्र के किसानों को फसल डूबने का डर रहेगा।
सिंचाई विभाग ड्रेनों व सीवर लाइन सफाई व अन्य कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करवाना सुनिश्चित करें, ताकि बारिश के मौसम के दौरान किसानों व आमजन को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। विभागों के अधिकारी आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए सभी कार्य पूर्ण करवाने के निर्देश दिए गए हैं। मैंने खुद भी ड्र्र्रेन की सफाई के काम का निरीक्षण किया।
मोहम्मद इमरान रजा, डीसी, जींद