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एक महीने से सिविल सर्जन कार्यालय में धूल फांक रही जांच रिपोर्ट

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जींद। नागरिक अस्पताल में मरीजों के सुविधा के लिए रखी सरकारी एंबुलेंस का इस्तेमाल मरीजों के लिए न होकर निजी कामों के लिए हो रहा है। इस मामले को उजागर हुए करीब एक महीना बीत चुका है लेकिन आज तक आरोपी एंबुलेंस चालक, ईएमटी और ऑपरेटर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जांच अधिकारी द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय में धूल फांक रही है।
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याद रहे कि 17 जनवरी को जींद नागरिक अस्पताल में आए गंभीर मरीज को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। इस दौरान एंबुलेंस नंबर एचआर-56बी-2300 से मरीज को रोहतक करीब (62 किलोमीटर) छोड़ने गई। आमतौर पर एंबुलेंस को आने-जाने में करीब 3 घंटे लगते हैं। लेकिन यह एंबुलेंस करीब 12 घंटे बाद अस्पताल लौटी। एंबुलेंस चालक रोहतक से सीधा जींद आने की बजाय वाया गोहाना होकर जींद पहुंचा। इस दौरान एंबुलेंस ने करीब 142 किलोमीटर का सफर तय किया, यानि करीब 80 किलोमीटर अतिरिक्त एंबुलेंस बिना मरीज के चली। सूचना मिलने पर डॉ. राजेश भोला ने एंबुलेंस में सवार चालक, ईएमटी और ऑपरेटर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए 23 जनवरी को सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह को पत्र लिखा था। यह फाइल करीब एक महीने से सिविल सर्जन कार्यालय में धूल फांक रही है।
एंबुलेंस चालक, ईएमटी और ऑपरेटर के खिलाफ जांच रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। फिलहाल जांच रिपोर्ट डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर पूनिया को भेजी गई है ताकि इस प्रकार लापरवाही के मामले में जो उचित कार्रवाई हो, उसके बारे में पता किया जा सके। जल्द ही इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद
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