जींद। शहर के पॉलिक्लीनिक भवन में संचालित ड्रग इंस्पेक्टर (डीआई) और फूड सेफ्टी विभाग को भवन खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने इन विभागों को पत्र जारी कर जल्द से जल्द भवन खाली करने को कहा है ताकि यहां प्रस्तावित कैथ लैब का कार्य शुरू किया जा सके। इस संबंध में नागरिक अस्पताल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भी भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, ड्रग कंट्रोलर विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी नागरिक अस्पताल में निर्धारित है लेकिन इसके बावजूद वे बिना अनुमति के पॉलिक्लीनिक में बैठकर कार्य कर रहे हैं।
मामले को लेकर पहले भी दिशा (डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) की बैठक में डिप्टी स्पीकर की ओर से ड्रग कंट्रोलर को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि विभाग को नागरिक अस्पताल में शिफ्ट किया जाए लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
अस्पताल प्रशासन ने इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए पिछले 15 दिनों से एक चिकित्सक समेत तीन कर्मचारियों की गैरहाजिरी दर्ज की है। पीएमओ ने स्पष्ट किया कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी नागरिक अस्पताल में है उन्हें वहीं उपस्थिति दर्ज करानी होगी। आदेशों की अवहेलना करने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कैथ लैब बनने से मिलेगा बड़ा लाभ
पॉलिक्लीनिक भवन में प्रस्तावित कैथ लैब शुरू होने से जिले के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। कैथ लैब में हृदय रोगों की जांच और उपचार जैसे एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सुविधा उपलब्ध होगी। अभी तक ऐसे मरीजों को उपचार के लिए रोहतक, हिसार या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अधिक खपत होती है। कैथ लैब शुरू होने से आपातकालीन स्थिति में हार्ट अटैक के मरीजों को तुरंत इलाज मिल सकेगा। इससे उनकी जान बचाने की संभावना बढ़ जाएगी। साथ ही गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को सस्ती दरों पर इलाज मिल सकेगा।
वर्जन
कैथ लैब शुरू करने की दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं और इसके लिए आवश्यक स्थान खाली करवाना पहली प्राथमिकता है। इस पहल से जिले के स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है। डीआई विभाग के लिए नागरिक अस्पताल में कमरों की सुविधा है।
-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल