21जेएनडी02-नागरिक अस्पताल में पर्ची लेने के लिए लगी मरीजों की लाइन। संवाद
जींद। पिछले दो दिनों से मौसम में बदलाव से नवजात और छोटे बच्चे बीमार हो जा रहे हैँ। ज्यादातर बच्चे सर्दी, जुकाम और बुखार आदि से पीड़ित हो रहे हैं।
शुक्रवार को ओपीडी शुरू हुई तो सबसे ज्यादा भीड़ ओपीडी स्लिप में उन अभिभावकों की थी जिनके बच्चे बदले मौसम की चपेट में आ गए हैं। सर्दी, जुकाम और बुखार से संबंधित ओपीडी में 25 प्रतिशत वृद्धि हुई। ऐसे में चिकित्सकों ने सलाह दी है कि बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान रखें ताकि बच्चे बीमार न हों।
18 फरवरी को अचानक से मौसम बदला और बारिश हुई। इसके चलते तापमान में चार डिग्री की गिरावट आ गई। इसके बाद 19 और 20 फरवरी को दिन में तेज धूप निकली। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री व न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रहा। मौसम में आद्रता 56 प्रतिशत तथा हवा की गति छह किलोमीटर रही। ऐसे में दिन में धूप खिलने से बड़ो को गर्मी महसूस हो रही है।
वहीं रात के समय तापमान में गिरावट आने से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। इससे नवजात व छोटे बच्चे सर्दी, जुकाम होने की वजह से नाक जाम कि समस्या काफी ज्यादा बढ़ गई है। इससे बच्चे को सांस लेने में समस्या होती है। ऐसे में समय-समय पर उसे भाप देना पड़ता है और नोजल ड्रॉप का इस्तेमाल करना पड़ता है। अभिभावकों ने ओपीडी में सर्दी, खांसी से ग्रसित मरीजों में एलर्जिक, कफ की समस्या सबसे ज्यादा देखी गई।
वर्जन
सुबह और शाम नवजात और छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान दें। बाहर की हवा से बचाएं। दिन में धूप देखकर कम कपड़े न पहनाएं। धूप से आने के बाद ठंडा खाना न दें। ठंडे पेय पदार्थ न दें। सुबह और शाम पीने के लिए गुनगुना पानी दें। यदि बच्चा सांस लेने में तकलीफ महसूस करें, बहुत थका हुआ लगे या तेज बुखार हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।-डॉ. रघुवीर पूनिया, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल