जींद। इनेलो जिलाध्यक्ष विजेंद्र रेढू ने प्रदेश सरकार की तरफ से बुजुर्गों की पेंशन बहाली के फैसले को इंडियन नेशनल लोकदल की वैचारिक और संघर्षपूर्ण जीत करार दिया है। इस जीत पर 20 फरवरी को जिला कार्यालय में विजय दिवस मनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने वृद्ध सम्मान भत्ता काटने के लिए तीन लाख की आय सीमा, बिजली बिल, रिहायशी प्लॉट और चौपहिया वाहन जैसी शर्तें थोप दी थीं। इस जनविरोधी नीति के खिलाफ चौधरी अभय सिंह चौटाला ने हिसार से एलान-ए-जंग का आह्वान किया था। इसका असर यह हुआ कि सरकार को पीछे हटना पड़ा और रोकी गई 75 हजार पेंशन जारी करनी पड़ी।
रेढू ने बताया कि 1987 में जननायक ताऊ देवीलाल ने जब यह योजना शुरू की थी तब कोई प्रतिबंध नहीं था लेकिन भजनलाल और हुड्डा सरकारों ने आय सीमा लगाकर बुजुर्गों का हक छीना। अब भाजपा सरकार भी इसी राह पर थी जिसे इनेलो के संघर्ष ने रोक दिया। इस जीत के उपलक्ष्य में 20 फरवरी को को जिला मुख्यालय स्थित पार्टी कार्यालय में विजय दिवस मनाया जाएगा।