जींद। सरकार की ओर से चलाए जा रहे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की धरातल पर वास्तविकता कुछ और ही है। बेटियों को पढ़ाई में आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा बस में पास सुविधा दी जाती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियां शहर में आकर अच्छे शिक्षण संस्थान में पढ़ सके। इसके बावजूद प्राइवेट बस में यात्रा करने वाली छात्राओं के साथ परिचालक अभद्र व्यवहार करते हैं।
सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में गोहाना रूट पर चलने वाली निजी बस का कंडक्टर छात्राओं द्वारा बस पास की रसीद दिखाने के बावजूद टिकट के पैसे मांग रहा है। टिकट नहीं लेने पर उन्हें उतारने की धमकी दे रहा है। इस बारे में अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की जांच करवाएंगे।
गौरतलब है कि स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं की सुविधा के लिए बस पास बनाए जाते हैैं। कोरोना संक्त्रस्मण के बीच एक महीने पहले कॉलेज शुरू हुए हैं। कॉलेज प्रबंधन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के नाम मांगे गए थे, जिन्हें घर से कॉलेज आने में बस पास की जरूरत पड़ती है। इच्छुक छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन के पास अपने नाम जमा करवा दिए थे। वहीं कॉलेज प्रबंधन द्वारा बस पास बनाने के लिए सूची रोडवेज जींद डिपो के पास भेजी थी। पास बनने में एक माह का समय लगता है। जब तक छात्राओं को पास रसीद दी जाती है, जिसके तहत छात्रा यात्रा कर सकती है। लेकिन प्राइवेट बस में परिचालन छात्राओं के पास बस पास की स्लिप होने के बावजूद टिकट के नाम पर पैसे मांगते हैं। पैसे नहीं देने पर छात्राओं को बीच रास्ते उतारने की धमकी दी जाती है।
बस पास स्लिप पर फोटो नहीं होती। कई बार जीरो बैलेंस की स्लिप छात्राएं अपने ऐसे साथी छात्रा को दे देती हैं, जो अकादमी में पढ़ने आती हैं। वह पास स्लिप दिखाते समय आपस में स्लिप बदल लेती हैं। जिसका जीरो बैलेंस का पास नहीं हो होता है। वह अपने साथी छात्रा की स्लिप दिखाकर बिना टिकट के चली जाती हैं।
-अजय कुमार, जिला प्रधान, प्राइवेट बस यूनियन।
अगर ऐसा कोई मामला है तो आवश्यक कार्रवाई के लिए डीटीओ कर्मचारियों को लिखा जाएगा। वहीं प्राइवेट बस परिचालकों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि जिन छात्राओं के पास बस पास स्लिप है, वह छात्राओं से टिकट न लें। पिछले सप्ताह कुछ छात्राओं के बस पास बनने आए थे, जिन्होंने तुरंत प्रभाव से जारी कर दिया गया। अगर जब भी किसी कॉलेज की ओर से छात्राओं के बस पास बनाने की लिस्ट आएगी तो तुरंत प्रभाव से पास बनवाए जाएंगे।
-बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद डिपो।