जींद। बिजली की बढ़ती मांग ने बिजली निगम की व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। शहर और आसपास के कई सब स्टेशन क्षमता से अधिक लोड झेल रहे हैं। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
शुक्रवार रात शहर को बिजली आपूर्ति देने वाले सेक्टर-8, सेक्टर-9 और सीआरएसयू सब स्टेशन ओवरलोड हो गए। इसके बाद बोहतवाला और सिंधवीखेड़ा सब स्टेशन की सप्लाई बंद करनी पड़ी। इसके चलते अर्बन एस्टेट, डिफेंस कॉलोनी, ओम नगर, कृष्णा कॉलोनी समेत 10-12 कॉलोनियों में घंटों बिजली गुल रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को 45-45 मिनट के तीन कट झेलने पड़े। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ गई। बिजली न होने से घरों में पेयजल आपूर्ति, इनवर्टर चार्जिंग और छोटे कारोबार तक प्रभावित हो रहे हैं।
शुक्रवार रात से शनिवार तक बिजली निगम के शिकायत केंद्रों पर 500 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें कम वोल्टेज, बार-बार बिजली गुल होना, ट्रिपिंग और फॉल्ट जैसी समस्याएं शामिल रहीं। निगम की टीमें लगातार सुधार कार्य में जुटी हैं, लेकिन बढ़ते लोड के कारण व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो पा रही है।
लोड के कारण ट्रांसफार्मर और सब स्टेशनों पर दबाव बढ़ा
पिछले सात दिनों में जिले की बिजली खपत 127.22 लाख यूनिट से बढ़कर 145.29 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। यानी महज एक सप्ताह में 18.07 लाख यूनिट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अचानक बढ़े लोड के कारण ट्रांसफार्मर और सब स्टेशनों पर दबाव बढ़ गया है जिससे ट्रिपिंग और फॉल्ट की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। स्थिति यह है कि शहर की बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों को दी जाने वाली बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ रही है। अब बिजली संकट केवल ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है बल्कि शहर की पॉश कॉलोनियों के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं।
तारीख-बिजली खपत
12 जुलाई-127.22 लाख यूनिट
13 जुलाई-130.63 लाख यूनिट
14 जुलाई-124.35 लाख यूनिट
15 जुलाई-134.64 लाख यूनिट
16 जुलाई-142.56 लाख यूनिट
17 जुलाई-145.29 लाख यूनिट
वर्जन
बिजली की मांग बढ़ने के कारण यह स्थिति बनी है। ओवरलोड कम करने के लिए लोड मैनेजमेंट किया जा रहा है। सब स्टेशनों के ओवरलोड कम करने के लिए ही कट लगाने पड़ रहे हैं।
-विनोद पूनिया, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम जींद