आयुष्मान भारत योजना के एक वर्ष पूरा होने पर 23 सितंबर को नागरिक अस्पताल में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें योजना की पहली वर्षगांठ मनाई जाएगी।
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अजय चालिया ने योजना के बारे में अमर उजाला द्वारा चलाई गई मुहिम को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे लोगों में जागृति आई है। पहले प्रतिदिन 60-65 गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे थे, लेकिन अब इसकी संख्या बढ़कर 80-85 तक पहुंच गई है।
डॉ. अजय चालिया ने कहा कि अमर उजाला द्वारा प्रतिदिन आयुष्मान योजना के बारे में काफी कमियों तथा उपलब्धियों को प्रकाशित किया जाता है। इससे लोगों को इस योजना का लाभ लेने में आ रही परेशानियों से अवगत करवाया गया। इस अभियान से लोगों में जागृति पैदा हुई तथा अब लोग खुद अपना नाम मोबाइल एप या वेबसाइट पर चेक करके नागरिक अस्पताल में अपना गोल्डन कार्ड बनवाने आ रहे हैं। पहले प्रतिदिन 60-65 गोल्डन कार्ड बनाए जाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 80-85 हो गई है। पहले अधिकतर लोग अपना नाम पता करने के लिए आते थे, लेकिन अब लोग खुद आकर कहते हैं कि उन्होंने अपना नाम चेक करवा लिया है। इससे काफी समय की बचत होने लगी। ऐसा होने से गोल्डन कार्ड बनाने की रफ्तार भी बढ़ी है। लोगों को योजना का और अधिक पता चले, इसके लिए 23 सितंबर को नागरिक अस्पताल में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें लोगों को आमंत्रित किया गया है। पीएचसी व सीएचसी पर कार्यरत आशा और आंगनबाड़ी वर्करों को कार्यक्रम में बुलाया गया है। इससे लोगों में और अधिक जागरूकता बढ़ेगी।
पीएचसी, सीएचसी स्तर पर भी बढ़ी रफ्तार
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि अब तक तीन लाख के टारगेट की एवज में 76 हजार कार्ड बन चुके हैं। अमर उजाला द्वारा चलाई गई मुहिम से अस्पताल प्रशासन को काफी लाभ पहुंचा है। इसी से उत्साहित होकर प्रतिदिन पीएचसी व सीएचसी स्तर पर लगाए जाने वाले जागरूकता कैंपों में भी अधिक संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ा फायदा इस अभियान से यह हुआ है कि लोग खुद अपना नाम ऑनलाइन चेक करने लगे हैं। जिन लोगों के इसमें नाम नहीं है, उन्हें अब पता चल गया है कि उनके कार्ड नए आदेश आने तक नहीं बनेंगे, इसलिए ऐसे लोग अब नहीं आ रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला का आभार जताया है।