गर्मी के मौसम में जहां 42 डिग्री पारा लोगों का पसीना निकाल रहा है, वहीं हरी सब्जियों के दाम कुछ राहत दे रहे हैं। कुछ दिन पहले आसमान छू रही हरी सब्जियों के दाम जमीन पर आ चुके हैं। लौकी, ककड़ी, टमाटर, खीरा, मिर्च, टमाटर से लेकर भिंडी तक सब पांच से 10 रुपये किलो तक में मिल रही है। शहर की नई सब्जी मंडी में हरी सब्जियों की सप्लाई जबरदस्त है। डॉक्टर्स और डायटीशियन भी लोगों को खाने में हरी सब्जियां शामिल करने का सलाह दे रहे हैं।
थोक व फुटकर में दो गुना रेट
भले ही सब्जी मंडी में थोक के भाव में भारी गिरावट आई हो, लेकिन थोक और फुटकर मंडियों में दो गुना अंतर है। मंडी में थोक में खीरा पांच रुपये किलो के हिसाब से मिलाया जा रहा है, लेकिन फुटकर विक्रेता खीरा 20 रुपये किलो के हिसाब से बेच रहे हैं। घीया के थोक में भाव छह रुपये किलो हैं, वहीं फुटकर में 12 से 15 रुपये किलो के हिसाब से बिक रही है।
30 से पांच रुपये में गिरा टमाटर
पिछले वर्ष इस सीजन में टमाटर के भाव आसमान पर थे। कुछ समय पहले टमाटर 30 रुपये प्रति किलो तक बिका था। इस कारण किसानों ने इस बार टमाटर की बिजाई अधिक कर दी, जिससे टमाटर की आवक डिमांड से ज्यादा हो गई। थोक व्यापारी राजेश कहते हैं कि थोक में टमाटर का भाव इस समय पांच रुपये किलो है, जबकि पिछले सीजन में 25-30 रुपये किलो बिक रहा था। फुटकर में टमाटर 15 से 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
सब्जियों की पैदावार बढ़ी
सब्जी मंडी के प्रधान जगत सिंह सैनी ने बताया कि फिलहाल सब्जी के दामों में काफी गिरावट आई है। हरी सब्जियों में पांच से सात रुपये किलोग्राम बिक रही है। इस बार लोकल व प्रदेश से बाहर सब्जियों की पैदावार काफी बढ़ रही है। इस कारण सब्जी के दामों में कमी आई है। साथ ही मौसम में आए बदलाव के कारण भी सब्जी के दाम घटे हैं।
सब्जी का नाम थोक भाव फुटकर विक्रेता
खीरा 5 रुपये/किग्रा 8-10 रुपये/किग्रा
लौकी 6 रुपये/किग्रा 12-15 रुपये/किग्रा
ककड़ी 10 रुपये/किग्रा 18-20 रुपये/किग्रा
पेठा 3-4 रुपये/किग्रा 8-10 रुपये/किग्रा
प्याज 5-7 रुपये/किग्रा 10-12 रुपये/किग्रा
आलू 5 रुपये/किग्रा 8-10 रुपये/किग्रा
टमाटर 5 रुपये/किग्रा 15-20 रुपये/किग्रा
मिर्ची 5-10 20-25 रुपये/किग्रा