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Jind News: समावेशी शिक्षा से होगा दिव्यांगों का समग्र विकास

Tue, 17 Jun 2025 02:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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जींद। नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के समग्र विकास पर केंद्रित है, जो उनके संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक विकास पर फोकस करती है। इसमें शामिल समावेशी शिक्षा से दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ सकते हैं। यह बात रिसोर्स पर्सन व ऑडियोलॉजिस्ट डॉ. आर्यन अग्रवाल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कही।
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भिवानी रोड स्थित दर्पण रिहैबिलिटेशन एंड रिसर्च सेंटर में आयोजित भारतीय पुनर्वास परिषद्, नई दिल्ली के सतत् पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और विशेष शिक्षा का आज समापन हो गया। इस तीन दिवसीय जोनल स्तरीय कार्यक्रम में विशेष शिक्षा विशेषज्ञों ने नई शिक्षा नीति में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए किए गए प्रावधानों पर मंथन किया।

रिसोर्स पर्सन आर्यन अग्रवाल ने कहा कि जीवन में कई अवसर और चुनौतियां हैं। इसके मुख्य अवसरों में शिक्षा तक पहुंच में सुधार, बहु-विषयक शिक्षा, कौशल विकास पर जोर और प्रौद्योगिकी का एकीकरण शामिल हैं।
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वहीं, चुनौतियों में कार्यान्वयन में आने वाली कठिनाइयां, वित्तीय बाधाएं, शिक्षकों की कमी और डिजिटल डिवाइड शामिल हैं। इसमें शामिल समावेशी शिक्षा का प्रावधान दिव्यांगों के समग्र विकास में पूरी तरह सहायक है। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस मौके पर दर्पण सोसाइटी के सदस्य डॉ. राजेश्वर, डॉ. आशुतोष, जयपाल, अर्चना, डॉ. सोनिका, सहायक प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. मीनू, लेक्चरर दीप्ति, मीनू शर्मा, रितु, मुख्तयार सिंह, विशेष शिक्षक भारती, प्रमोद, सुनैना, पूजा, अंकित, सतविंदर, नीतू व अनिता मौजूद रहीं।



सकारात्मकता माहौल मिलने पर ही समावेशी शिक्षा संभव

रिसोर्स पर्सन डॉ. वरुण गर्ग ने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य न केवल दिव्यांगों को शिक्षा तक पहुंच प्रदान करना है, बल्कि उन्हें एक ऐसा वातावरण प्रदान करना भी है जहां वह फल-फूल सकें और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें, लेकिन कुछ लोगों की सामाजिक मनोवृत्ति ऐसी है कि दिव्यांग बच्चे को नकारात्मक भाव से देखते हैं। उन्हें समाज से दूर रखने की कोशिश करते हैं। सकारात्मकता माहौल मिलने पर ही समावेशी शिक्षा संभव है। रिसोर्स पर्सन साइकोलॉजिस्ट डॉ. मनीष, विशेष शिक्षा विशेषज्ञ दीक्षेश ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अलग-अलग पहलुओं पर व्याख्यान दिया।

रिसोर्स पर्सन डॉ. वरुण गर्ग ने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य न केवल दिव्यांगों को शिक्षा तक पहुंच प्रदान करना है, बल्कि उन्हें एक ऐसा वातावरण प्रदान करना भी है जहां वह फल-फूल सकें और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें, लेकिन कुछ लोगों की सामाजिक मनोवृत्ति ऐसी है कि दिव्यांग बच्चे को नकारात्मक भाव से देखते हैं। उन्हें समाज से दूर रखने की कोशिश करते हैं। सकारात्मकता माहौल मिलने पर ही समावेशी शिक्षा संभव है। रिसोर्स पर्सन साइकोलॉजिस्ट डॉ. मनीष, विशेष शिक्षा विशेषज्ञ दीक्षेश ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अलग-अलग पहलुओं पर व्यााख्यान दिया।
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