जींद। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सभी चिकित्सकों ने मंगलवार को हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर नागरिक अस्पताल में ओपीडी बंद रखी। संक्रमण के बीच इस तरह चिकित्सकों की हड़ताल से मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में केवल दंत विभाग के चिकित्सकों ने ओपीडी की। इसके अलावा इमरजेंसी, गाइनी और पोस्टमार्टम के लिए भी चिकित्सकों ने सेवाएं दी। अब एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 13 जनवरी तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 14 जनवरी को जिले की सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। चिकित्सकों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. देवेंद्र बिंदलिश ने कहा कि सरकार एसएमओ की सीधी भर्ती कर रही है, जो कि अन्य चिकित्सकों के हकों पर कुठाराघात है। इसके अलावा एसोसिएशन की स्पेशलिस्ट डॉक्टर का कैडर बनाने, पीजी डिग्री में 40 प्रतिशत सीट रिजर्व करने की मांग कर रही है। 12 दिसंबर को स्वास्थ्यमंत्री ने उनकी मांगें मानते हुए जल्द इस बारे में पत्र जारी करने को कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उपप्रधान डॉ. रघुबीर पूनिया ने आरोप लगाया कि उच्चाधिकारी अपने फायदे के लिए उनकी फाइलों को अटकाए हुए हैं, जबकि सरकार समाधान करना चाहती है। इसी कारण मजबूरी में चिकित्सकों को हड़ताल करनी पड़ी। सहसचिव डॉ. राजेश भोला ने कहा कि यदि 13 जनवरी तक उनकी मांगें नहीं मानी तो 14 जनवरी से वह पूरी तरह से हड़ताल करेंगे। इसमें गाइनी, इमरजेंसी सेवाएं तथा पोस्टमार्टम भी नहीं किया जाएगा। इस दौरान डॉ. अरुण, डॉ. बृजेंद्र सिंह, डॉ. विशाल, डॉ. संदीप भी मौजूद रहे।