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Jind News: 15 दिन में 35 लाख रुपये का 6980 लीटर मिलावटी घी सील

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21जेएनडी35: पिल्लूखेड़ा में नकली घी को सील करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। स्रोत : विभाग - फोटो : ट्रामा सेंटर में एक पलंग पर भर्ती दो मरीज। संवाद
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जींद। जिले में मिलावटी और नकली ब्रांडेड घी का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने 15 दिन के अंदर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई कर करीब 35 लाख रुपये की कीमत का 6980 लीटर मिलावटी घी सील किया है। इसके वाबजूद मिलावटखोर बाज नहीं आ रहे हैं।
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हैरानी की बात यह है कि कई मामलों में मिलावटखोर पकड़े जाने और गोदाम या दुकानों को सील किए जाने के बाद स्थान बदलकर वहीं से मिलावटी घी की सप्लाई शुरू कर देते हैं। कई मामलों में नकली ब्रांडेड घी बनाकर उसे नामी कंपनियों के लेबल लगाकर बाजार में उतारा जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 10 जनवरी को पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 931 लीटर घी को सील किया जिसकी अनुमानित कीमत करीब तीन लाख 75 हजार रुपये बताई गई। इसी दिन सफीदों क्षेत्र में भी कार्रवाई कर 457 लीटर घी सील किया गया, जिसकी कीमत लगभग 67 हजार रुपये आंकी गई।
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विभाग की जांच में यह घी गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा और इसमें मिलावट की आशंका पाई गई। 15 जनवरी को पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में ही एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई जहां एक गोदाम से 4685 लीटर घी सील किया गया। इसकी कीमत करीब 31 लाख रुपये बताई गई। यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 20 जनवरी को फिर पिल्लूखेड़ा में कार्रवाई करते कर 909 लीटर घी को सील किया। घी की कीमत लगभग 55 हजार रुपये बताई गई। इनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए विभाग की टीम लगातार छापेमारी बढ़ा रही है।
मिलावटखोरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी
विभाग ने इस महीने जिले भर में सघन अभियान चला कुल 57 सैंपल लिए हैं। इनमें से अब तक 25 सैंपल की रिपोर्ट फेल आई। फेल सैंपल मिलने के बाद संबंधित मिलावटखोरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जिन मामलों में सैंपल फेल पाए जाते हैं जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
वर्जन
मिलावटी घी का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इससे पेट संबंधी बीमारियों के अलावा लीवर और हृदय पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी अधिक नुकसानदेह है। इसके बावजूद सस्ते दामों के लालच में लोग ऐसे उत्पाद खरीद लेते हैं। -डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल
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खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा। संदिग्ध गोदामों, दुकानों और थोक विक्रेताओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वह घी या अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकिंग और ब्रांड की जांच जरूर करें। यदि कहीं मिलावट या संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत विभाग को सूचना दें। -योगेश काद्यान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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