04जेएनडी10: धरने पर किसानों और आढ़तियों को संबोधित करते किसान नेता राकेश टिकैत। संवाद
जुलाना। फसल खरीद के नए नियमों के विरोध में आढ़तियों और किसानों की नई अनाज मंडी में अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। मंडी में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और खरीद प्रक्रिया प्रभावित रही। रविवार को किसानों और आढ़तियों ने जींद में होने वाली रैली में मुख्यमंत्री से मिलने का भी निर्णय लिया।
ढांडा खाप के पूर्व प्रधान नरेश ढांडा ने कहा कि नए नियम किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं। यदि सरकार ने दो दिन में बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाने के नियम वापस नहीं लिए तो वे अपना अंगूठा काटकर मुख्यमंत्री को भेज देंगे।
वहीं हड़ताल में भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे। उन्होंने कहा, किसानों के खिलाफ सरकार ने गलत नीति बनाई है। यदि जमीन किसी बुजुर्ग और लड़की के नाम है तो वे अंगूठा लगाने कैसे मंडी आएंगे। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर सरकार मॉनिटरिंग कर ले। फसल खरीद के नए नियम वापस होने चाहिए। सरकार किसानों और आढ़तियों को बेवजह परेशान कर रही है।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने कहा कि बिना जमीनी हकीकत को समझे नए-नए नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे मंडी व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना और बायोमीट्रिक प्रणाली लागू करना पूरी तरह अव्यवहारिक निर्णय है।
मंडी का समय सुबह छह बजे से शाम आठ बजे तक निर्धारित करना भी किसानों के हित में नहीं है। अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन मशीन से फसल कटवाते हैं और उसी समय फसल मंडी में लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। आढ़तियों ने सरकार से नियमों को वापस लेने की मांग की।