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तय किलोमीटर से ज्यादा चली स्कीम वाली बसें तो जीएम को करनी होगी भरपाई

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जींद। किलोमीटर स्कीम के तहत रोडवेज बेड़े में शामिल बस हर महीने निदेशालय द्वारा निर्धारित किए गए किलोमीटर ही तय करेंगी। निर्धारित किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने पर महाप्रबंधक द्वारा इसका भुगतान निदेशालय को करना होगा। जींद डिपो में किलोमीटर स्कीम वाली 20 बसें हैं। इसमें प्रतिदिन 400 किलोमीटर स्कीम वाली 15 और प्रतिदिन 300 किलोमीटर स्कीम वाली पांच बसें शामिल हैं। निजी बस यूनियन के जिला प्रधान ने बताया कि डिपो में दोनों स्कीम की चार बसें ऐसी हैं तो निर्धारित किलोमीटर की दूरी महीने में तय नहीं कर पाती, उन्हें दूसरे रूटों पर चलाना चाहिए। वहीं, जीएम का कहना है कि किसी बस के किलोमीटर कम या ज्यादा नहीं होने देते।
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प्रदेश के कुछ डिपो में किलोमीटर स्कीम वाली बसें निर्धारित किलोमीटर से अधिक चलती थी। इससे किलोमीटर स्कीम वाली बसों को फायदा और रोडवेज को आर्थिक हानि होती थी। ऐेसे में निदेशालय ने महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि किलोमीटर स्कीम वाली बस महीने भर में तय किए गए किलोमीटर से अधिक न चलें। गौरतलब है कि किलोमीटर स्कीम वाली बसों पर चालक बस ऑपरेटर का होता है और परिचालक रोडवेज कर्मचारी होता है। रोडवेज द्वारा 26.92 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से बस ऑपरेटरों को भुगतान किया जाता है। 400 किलोमीटर स्कीम वाली बस महीने भर में 12 हजार किलोमीटर व 300 किलोमीटर स्कीम वाली बस महीने में नौ हजार किलोमीटर से अगर ज्यादा चलती हैं तो विभागीय खर्च संबंधित महाप्रबंधक से वसूला जाएगा। वहीं अगर किलोमीटर स्कीम वाली बस महीने भर के किलोमीटर कम दिन में ही तय कर लेती हैं तो उसे खड़ा किया जाए।
पूरे करवाए जाएं किलोमीटर
स्कीम वाली चार बसें ऐसी हैं, जिनके किलोमीटर महीने में पूरे नहीं होते। नियमानुसार 400 किलोमीटर स्कीम वाली दो बसें महीने में 12 हजार किलोमीटर पूरे नहीं कर पाती। इसमें एक से डेढ़ हजार किलोमीटर कम रह जाते हैं। ऐेसे में उन बसों को ऐसे रूट पर चलाया जाए, जिससे उनके महीने भर के 12 हजार किलोमीटर पूरे हो सके और उन्हें आर्थिक हानि नहीं हो।
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- अजय कुमार, जिला प्रधान, प्राइवेट बस यूनियन।
किलोमीटर स्कीम वाली बसों को लेकर मुख्यालय से निर्देश मिल चुके हैं। डिपो में चलने वाली किलोमीटर स्कीम वाली बस के किलोमीटर पूरे करवाए जाते हैं। किसी बस के किलोमीटर कम या ज्यादा नहीं होते। अगर किलोमीटर स्कीम वाली बस अपने निर्धारित किलोमीटर महीने में 30 दिन से कम दिन में कवर कर लेती हैं तो उन्हें महीने में बाकी बचे दिनों के लिए खड़ा कर दिया जाएगा। उस रूट पर अन्य बस को चलाया जाएगा।
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- बिजेंद्र सिंह, जीएम जींद डिपो।
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