जींद। सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी संत कुमार ने बताया कि कई किसान अपने खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए भूमिगत पाइपलाइन बिछाना चाहते हैं लेकिन पड़ोसी खेत से पाइपलाइन निकालने को लेकर अक्सर विवाद उत्पन्न हो जाता है। ऐसे मामलों में किसानों को संबंधित कानून की जानकारी होना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि पंजाब लैंड इम्प्रूवमेंट स्कीम अधिनियम, 2018 की धारा 15ए के तहत यदि किसी किसान को दूसरे किसान के खेत के नीचे से पाइपलाइन ले जानी हो और आपसी सहमति नहीं बनती, तो वह सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय या संबंधित एसडीएम के पास आवेदन कर सकता है। आवेदन के बाद विभागीय अधिकारी एवं पटवारी मौके का निरीक्षण कर उपयुक्त मार्ग तय करते हैं। नियमों के अनुसार पाइपलाइन को जमीन की सतह से कम से कम तीन फीट नीचे बिछाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे विवादों के निस्तारण के लिए प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित है, जिसमें मृदा संरक्षण अधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता और वन मंडल अधिकारी सदस्य होते हैं। यह समिति कानून के अनुसार निर्णय लेकर किसानों को राहत प्रदान करती है।