फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: स्वच्छता रैंकिंग सुधारनी है तो हर दुकानदार रखे डस्टबीन

विज्ञापन
06जेएनडी15: संवाद कार्यक्रम में मौजूद सेव संस्था के सदस्य। संवाद
विज्ञापन
जींद। शहर को साफ व सुंदर बनाने के लिए सेव संस्था पिछले 11 साल से काम कर रही है। जब शहर में कूड़े के ढेर लगे थे, उस समय संस्था के प्रधान नरेंद्र नाडा ने टीम के सदस्यों के साथ बड़े स्तर पर शहर को गंदगी मुक्त करने का बीड़ा उठाया था, जो आज तक चल रहा है। अब स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को बेहतर दिखाना नप के लिए चुनौती बन गया है।
विज्ञापन

शहर को स्वच्छ बनाने के लिए व स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर अंक शहर को दिलवाने के लिए अमर उजाला ने सेव संस्था के सदस्यों के साथ संवाद कार्यक्रम किया। यह कार्यक्रम हुडा ग्रांउड स्थित कार्यालय में हुआ। इसमें संस्था के एक्टिव सदस्यों ने शामिल होकर शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कई बिंदू बताए गए। अगर इन बिंदुओं पर नगर परिषद काम करे तो शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर अंक आएंगे। संस्था के सदस्यों द्वारा सुझाव दिए गए कि शहर में जिस भी मकान व दुकान के बाहर या गली में गंदगी मिलती है। उस पर जुर्माना लगाया जाए। जुर्माना राशि एक से अधिक बार गंदगी डालने पर बढ़ाकर लगानी चाहिए। सिंगल यूज पॉलिथिन रखने वालों पर जुर्माना बढ़ाई जाए, हर वार्ड की प्रत्येक गली में वहां के सफाई कर्मी का नंबर सार्वजनिक तौर पर चश्पा किया जाए। सफाई कर्मी को शिकायत के बाद सफाई नहीं होने पर अधिकारी का नंबर भी जारी हो ताकि सफाई कर्मी की शिकायत की जा सके। सफाई की गाड़ी हर कालोनी में प्रतिदिन जाए। किसी गली या कालोनी में दो दिन तक गाड़ी नहीं जाने पर ठेकेदार पर 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया जाए। सड़क के किनारे खड़े पेड़ों की कटाई व छंगाई समानंतर की जाए, शहर में सीवरेज के नाले रुकने व ढक्क्न टूटे होने और धरातल के समानांतर नहीं होने पर जनस्वास्थ्य विभाग के उस क्षेत्र में ड्यूटी देने वाले कर्मियों पर जुर्माने का प्रावधान किया जाए। अगर नगर परिषद व जनस्वास्थ्य विभाग इन प्वाइंटों पर काम करे तो शहर को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर अंक मिल सकते हैं। इस अवसर पर बलबीर श्योकंद पूर्व चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, परमजीत देशवाल रिटायर्ड एसडीओ, मास्टर जोरा सिंह, अजमेर चौहान उपाध्यक्ष सेव संस्था, वामप्रस्थी सत्यमुनी, महेश सैनी नंबरदार, कुलबीर लोहान व सतबीर ढुल मौजूद रहे।
बाक्स
संस्था बांट चुकी है 4 हजार डस्टबिन
संस्था के अनुसार अगर हर दुकान व घर में सूखे व गीले कचरे के अलग-अलग डस्टबिन होंगे तो शहर को गंदगी मुक्त बनाना आसान होगा। इसके लिए उन्होंने खुद भी 4 हजार डस्टबीन बांटे हैं। इसके कारण शहर में अधिकतर दुकानों पर आज डस्टबिन का प्रयोग हो रहा है। इन दोनों तरह के कचरे को नप की गाड़ी में अलग-अलग डाला जाए, ताकि डंपिग पॉइंट पर भी इनको व्यवस्था के अनुसार खाली किया जा सके।
विज्ञापन

बाक्स
स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए लिया जाएगा सहयोग
नगर परिषद शहर को स्वच्छ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। स्वच्छता रैंकिंग को लेकर नप की टीम काम कर रही है। इसके लिए अन्य विभागों को भी साथ चलने की जरूरत है। इसमें वह सेव संस्था का भी सहयोग लेंगे, ताकि शहर को बेहतर रैंकिंग दिलवाई जा सके।
विज्ञापन

-अनिल नैन सीएसआई नगर परिषद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें