14जेएनडी10: स्कूल में आयोजित सेमिनार में मौजूद अभिभावक व विद्यार्थी। आयोजक
- फोटो : जनता ढाबा पर कोयले की भट्टी पर भोजन बनाता कारीगर।
जींद। राजपुरा भैण स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को आधुनिक जीवनशैली के दौर में बच्चों के पालन-पोषण से जुड़ी चुनौतियों पर सेमिनार का आयोजन किया। मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान ने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों की विशेषताओं को पहचानें और उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। भावनात्मक, मानसिक और सामाजिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। यदि बच्चों को सही दिशा, सकारात्मक माहौल और सही मार्गदर्शन मिले तो भविष्य में सफल और जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं।
नरेश जागलान ने कहा कि आज के समय में बच्चों के सामने पढ़ाई का दबाव, मोबाइल और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग, प्रतिस्पर्धा का माहौल और समय की कमी जैसी कई चुनौतियां हैं। बच्चों की भावनाओं को समझें। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों के पालन-पोषण में प्यार और अनुशासन का संतुलन बेहद जरूरी है। इसलिए माता-पिता को बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखते हुए उचित सीमाएं तय करनी चाहिए।
सेमिनार में उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों की तुलना अन्य बच्चों से करने से उनका आत्मविश्वास कमजोर होता है। हर बच्चा अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार अलग होता है।