जींद में डिप्टी स्पीकर एवं विधायक डॉ. कृष्ण मिड्डा रानी तालाब पहुंचे, जहां पर एचएसवीपी अधिकारियों ने दुकानदारों की फड़े तोड़ी थी। डिप्टी स्पीकर ने अधिकारियों को मौके पर बुलाया। उन्होंने अधिकारियों को जमीन पर बैठाकर कहा कि दादागिरी का ज्यादा शौक है क्या, जो इन लोगों की बिना नोटिस के दुकानें तोड़ दी। शहर में बहुत जगह है, जहां आपके विभाग के कब्जे हैं, वहां तोड़ो, वहां देखता हूं तुम्हारी दादा गिरी।
डॉ. मिड्ढा ने अधिकारियों की मौजूदगी में स्पष्ट कहा कि जब कार्रवाई के दौरान लोग अपना दुख जता रहे थे और बिना नोटिस की कार्रवाई की बात कर रहे थे तो अधिकारियों को भी कार्रवाई रोकनी चाहिए थी। अब कार्रवाई से जो इन दुकानदारों को नुकसान हुआ है वो इसे अपनी तरफ से भरेंगे। छोटे और जरूरतमंद व्यापारियों की दुकानों को अचानक हटवाना बहुत ही गलत है।
इससे उनके परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी, क्योंकि एक दुकान से पूरा परिवार चलता है। यहां तक की लोग कर्ज लेकर दुकान लगाते हैं। हालांकि कार्रवाई को रूकवाने के लिए दुकानदार गिड़गिड़ाते रहे लेकिन कार्रवाई नहीं रोकी। इस कार्रवाई को रूकवाने के लिए दुकानदार डिप्टी स्पीकर आवास पर पहुंचे थे। दुकानदारों का आरोप है कि बिना नोटिस दिए कार्रवाई की है। उन्हें एक घंटे तक का भी समय नहीं दिया गया। अब वह अपने बच्चों को क्या खिलाएंगे। कैसे उनका पेट भरेंगे।