संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। शहर की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मुख्य चौक और व्यस्त बाजारों में सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे कबाड़ बन गए हैं। करीब 15 वर्ष पहले नगर परिषद की ओर से लगाए गए ये कैमरे या तो खराब पड़े हैं या गुम हो चुके हैं। हाल ही में हुए गोलीकांड ने लापरवाही को उजागर कर दिया है।
14 दिसंबर को शहर के मुख्य बाजार स्थित जैन गारमेंट्स की दुकान पर दिनदहाड़े बदमाशों ने फायरिंग कर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। घटना के दौरान किसी को चोट नहीं आई लेकिन वारदात के बाद बदमाश भाग गए। पुलिस ने जांच शुरू की लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से कोई मदद नहीं मिल पाई। क्योंकि अधिकांश कैमरे खराब पड़े हैं।
स्थिति यह है कि नगर परिषद कार्यालय के पास स्थित अग्रसेन चौक पर लगे कैमरे वर्षों से बंद पड़े। जबकि शहर के सबसे व्यस्त अपोलो चौक पर कैमरों का केवल लोहे का ढांचा ही बचा है। कैमरे कब और कैसे गायब हुए, इसका कोई स्पष्ट जवाब नगर परिषद के पास नहीं है।
यही नहीं, अन्य प्रमुख चौकों पर भी कैमरे खराब हैं। पूर्व नगर परिषद प्रधान कैलाश सिंगला ने बताया कि वर्ष 2008-09 में लगभग पांच लाख रुपये की लागत से शहर के प्रमुख चौक पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। उस समय कैमरे पूरी तरह कार्यशील थे और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी नगर परिषद की थी लेकिन समय पर रखरखाव न होने के कारण आज वह कबाड़ बने हुए हैं।
दुकानों पर निजी कैमरे लगवाए हुए हैं। इनकी मदद से पुलिस जांच करती है लेकिन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए लगाए गए कैमरों का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
–सुमित जैन, व्यापारी
शहर के मुख्य चौक चौराहों पर यदि सीसीटीवी कैमरे लगे हो तो अपराधिक घटनाओं को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपियों तक पुलिस आसानी से पहुंच सकती है।
–संयम गुप्ता, शहरवासी
हाउस की बैठक में शहर में कैमरे लगवाने का यह प्रपोजल रखा जाएगा। पूरी कोशिश रहेगी कि शहर में दोबारा से सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना नगर परिषद की प्राथमिकता है।
–मुकेश मिर्धा, चेयरपर्सन, नगर परिषद नरवाना
16जेएनडी29-अग्रसेन चौक पर बंद पड़े नगर परिषद द्वारा लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे। संवाद
16जेएनडी29-अग्रसेन चौक पर बंद पड़े नगर परिषद द्वारा लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे। संवाद