जींद। हाउस टैक्स की बकाया राशि वसूलने के लिए नगर परिषद ने सख्ती शुरू कर दी है। 10 हजार रुपये से अधिक टैक्स बकाया रखने वाले 705 मकान मालिकों और 152 सरकारी विभागों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी पर नगर परिषद का 70 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है।
परिषद ने साफ कर दिया है कि बार-बार नोटिस और सूचना के बावजूद भुगतान नहीं करने वालों पर अब कार्रवाई की जा सकती है। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, बड़े बकायेदारों में कई ऐसे हैं जिन्हें तीन से चार बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। राशि जमा नहीं होने पर कर्मचारियों को फोन के माध्यम से भी संपर्क कर भुगतान के लिए कहा जा रहा है।
करीब तीन वर्षों से हाउस टैक्स की वसूली उम्मीद के मुताबिक नहीं होने के कारण बकाया राशि लगातार बढ़ती गई है। अब परिषद ने बड़े बकायेदारों से वसूली को प्राथमिकता में रखा है और नोटिस जारी किए हैं। इनमें आम लोगों के साथ सरकारी विभाग भी शामिल हैं। सरकारी विभागों की बड़ी संख्या में संपत्तियों पर भी हाउस टैक्स बकाया है। विभागों के अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क कर टैक्स जमा करवाने के लिए अवगत कराया गया है।
पुलिस लाइन कॉलोनी पर 1.80 करोड़ से अधिक बकाया
रिकॉर्ड के मुताबिक पुलिस लाइन कॉलोनी सबसे बड़ी बकायेदार है। करीब 6.45 लाख वर्ग गज क्षेत्रफल वाली इस संपत्ति पर 1.80 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। इसमें लगभग 1.67 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स, 12.09 लाख रुपये फायर टैक्स और 3,600 रुपये कचरा शुल्क शामिल है।पुराने बस स्टैंड की करीब 36,474 वर्ग गज संपत्ति पर 74.44 लाख रुपये बकाया हैं। वहीं डीसी कार्यालय एवं प्रशासनिक ब्लॉक की करीब 2.02 लाख वर्ग गज जमीन पर 64.49 लाख रुपये का टैक्स लंबित है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की एसटीपी फैक्टरी एरिया की संपत्ति पर 47.27 लाख और वन विभाग की करीब 82 हजार वर्ग गज संपत्ति पर 46.36 लाख रुपये बकाया हैं। इसके अलावा चंद्रलोक कॉलोनी स्थित कृषि मार्केटिंग बोर्ड की संपत्ति पर 45.51 लाख रुपये, प्रशासनिक रेस्ट हाउस ब्लॉक की एक संपत्ति पर 24.84 लाख रुपये, वीटा मिल्क प्लांट पर 24.33 लाख रुपये, जनस्वास्थ्य विभाग के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर 16.07 लाख और वन भूमि की एक अन्य संपत्ति पर 15.86 लाख रुपये बकाया हैं।
75 प्रतिशत ब्याज छूट का भी मिलेगा लाभ
नगर परिषद ने आमजन से बकाया हाउस टैक्स जल्द जमा करवाने की अपील की है। सरकार की ओर से इस महीने के अंतिम दिन तक हाउस टैक्स के ब्याज पर 75 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है। इससे पहले वर्ष 2011-12 से 2024-25 तक के ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट दी गई थी जिसका काफी लोगों ने लाभ उठाया था। परिषद ने लोगों से अपील की है कि अंतिम समय का इंतजार किए बिना बकाया टैक्स जमा कर छूट का लाभ उठाएं।
रिकॉर्ड में गलती है तो करा सकते हैं सुधार
नगर परिषद ने संपत्ति मालिकों से यह भी स्पष्ट किया है कि हाउस टैक्स रिकॉर्ड में किसी तरह की गलती होने पर उसे कार्यालय में दस्तावेजों के आधार पर ठीक कराया जा सकता है। संपत्ति के क्षेत्रफल में बदलाव, मोबाइल नंबर में संशोधन, पहले जमा किए गए टैक्स की रसीद के बावजूद दोबारा बकाया जुड़ना या आवासीय संपत्ति का गलती से व्यावसायिक श्रेणी में दर्ज होना जैसी शिकायतों का समाधान कराया जा सकता है।
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बकाया राशि जमा करवाने के लिए अंतिम समय का इंतजार न करें। समय पर टैक्स जमा करने से ब्याज छूट का लाभ मिलेगा और सीलिंग या कानूनी कार्रवाई से भी बचा जा सकेगा। बड़े बकायादारों को कार्रवाई से पहले यह अंतिम नोटिस दिया गया है। 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा होने से शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।
-सुशील भुक्कल, ईओ नगर परिषद जींद।