नागरिक अस्पताल की पुलिस चौकी के कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य नहीं करते। सिविल सर्जन डॉ. जय भगवान जाटान ने ऐसा कुछ एसएसपी को पत्र में लिखा है। उन्होंने इन सभी कर्मचारियों को यहां से बदलकर इनके स्थान पर कर्मठ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की सिफारिश की है। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों के ड्यूटी से नदारद रहने की भी शिकायत की है।
एसएसपी को लिखे पत्र में सिविल सर्जन ने कहा कि नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में रात के समय कई बार मरीजों द्वारा स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इस दौरान जब अस्पताल की पुलिस चौकी के कर्मचारियों को बुलाया जाता है तो या तो वे मिलते नहीं या फिर काफी देर बाद आते हैं। आने के बाद भी वह कोई कार्रवाई नहीं करते। लोगों को सिविल लाइन थाना का रास्ता बताते हैं। इसके अलावा नागरिक अस्पताल से पिछले दो महीने में मोटरसाइकिल चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। मोटरसाइकिलों की चोरी पर अंकुश लगाने में चौकी के कर्मचारी नाकाम हैं। उन्होंने लिखा है कि इन सभी को यहां से बदलकर कर्मठ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए, ताकि नागरिक अस्पताल के स्टाफ के साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर रोक लगाई जा सके।
कुल सात कर्मचारी तैनात हैं पुलिस चौकी में
नागरिक अस्पताल की पुलिस चौकी में कुल सात कर्मचारी हैं। इनमें एक एसआई, एक एएसआई तथा पांच एसपीओ हैं। चौकी इंचार्ज एसआई नफे सिंह ने कहा कि उनका काम कोई भी हादसा या दुर्घटना से संबंधित व्यक्ति आता है तो उसका रुका संबंधित थाने में भेजने का होता है। वह अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा से करते हैं। तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. शशिप्रभा अग्रवाल ने उन्हें 15 अगस्त 2019 को ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा से ड्यूटी करने पर प्रशंसा पत्र भी दिया था।
तुरंत की जाएगी कार्रवाई
सिविल सर्जन के पत्र के अनुसार इस पर तुरंत संज्ञान लिया जाएगा। किसी भी पुलिस कर्मचारी या अधिकारी की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक डीएसपी की ड्यूटी लगाकर मामले की पूरी जानकारी ली जाएगी।
-अश्विनी शैणवी, एसएसपी, जींद।