जिले का लिंगानुपात सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने अनूठी पहल शुरू की है। जिला प्रशासन द्वारा पब्लिक डीलिंग कार्यालय में सबसे ज्यादा व सबसे कम लिंगानुपात वाले गांवों के नाम वाले बोर्ड पर लगवाए जाएंगे। इस बोर्ड को देखकर कम लड़कियों वाले गांव के लोगों को शर्मसार होना पड़ सकता है। साथ ही इन बोर्डों के माध्यम से गांव के लोगों को कन्या भ्रूण हत्या को रोककर लिंगानुपात में सुधार करने के लिए प्रेरित किया जा सके गा।
गौरतलब है कि देश में गिरते लिंगानुपात को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की मुहिम शुरू की गई है। प्रधानमंत्री की इस मुहिम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा भी एक अनोखी मुहिम चलाई गई है। इस मुहिम के तहत अब पब्लिक डीलिंग वाले सरकारी कार्यालयों के बाहर जिले के 10 ऐसे गांवों जिनका लिंगानुपात सबसे अधिक है और 10 ऐसे गांव जिनका लिंगानुपात सबसे कम है के होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। ताकि इन कार्यालयों में आने वाले उन गांवों के लोग इन होर्डिंग से प्रेरणा ले सकें। जिन गांव का लिंगानुपात सबसे अधिक है, उन गांवों के लोग इन बोर्डों पर अपने गांव का नाम अधिक लिंगानुपात की पंक्ति में देखकर खुद को गौरान्वित महसूस कर सकेंगे। वहीं जिन गांवों का लिंगानुपात सबसे कम है, उन गांवों के लोग कम लिंगानुपात वाली पंक्ति में अपने गांव का नाम देखकर इस पर शर्मिंदगी महसूस कर अपने गांव के माथे से भ्रूण हत्या के दाग को मिटाने के लिए अधिक लिंगानुपात वाले गांवों से प्रेरणा ले सकेंगे।
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए उठाया कदम
कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना सहयोग करना होगा। लोगों को इसके लिए जागरूक करने और अपने गांव का नाम अधिक लिंगानुपात वाले गांवों की श्रेणी में शामिल करवाने की प्रेरणा देने के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से पब्लिक डीलिंग वाले सरकारी कार्यालयों के बाहर अधिक और कम लिंगानुपात वाले गांवों के बोर्ड लगाए जा रहे हैं। ताकि कम लिंगानुपात वाले गांवों के लोग अधिक लिंगानुपात वाले गांवों से प्रेरणा लेकर कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए आगे आएं।
- डॉ. प्रभुदयाल, नोडल अधिकारी
नागरिक अस्पताल, जींद