कोरोना के गंभीर मरीजों की जांच और उनको उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए नागरिक अस्पताल जींद ने चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम तैयार की है। यह टीम 24 घंटे गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए उपलब्ध रहेगी। टीम रोहतक पीजीआई के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी सलाह करके मरीजों को दवाई देगी, ताकि किसी भी मरीज की मौत न हो।
कोरोना संक्रमण के बढ़ने के कारण पीजीआई रोहतक, अग्रोहा तथा खानपुर मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है, जिसकी वजह से गंभीर मरीजों को नागरिक अस्पताल जींद में ही दाखिल करना है। यदि किसी विशेष बीमारी के कारण कोई मरीज गंभीर है तो उसे ही रेफर किया जा सकता है। नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीजों को हर समय चिकित्सकीय सुविधा मिलती रहे, इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम रोहतक पीजीआई के डॉ. ओपी कालरा के नेतृत्व में काम करेगी। कोई कोरोना का मरीज होगा तो टीम उसका इलाज करेगी और जरूरत पड़ने पर डॉ. ओपी कालरा से सलाह व सुझाव लेगी। इस टीम को गठित करने का मुख्य मकसद यह है कि चिकित्सकों की जवाबदेही तय हो सके। यदि कोई गंभीर मरीज नागरिक अस्पताल में दाखिल है तो उसे हर समय इन विशेषज्ञों की सुविधा मिल सके। टीम में मरीज को बेहोस करने वाले विशेषज्ञ डॉ. गोपाल गोयल, फिजीशियन डॉ. नरेश वर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा वशिष्ठ तथा महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. निशा शर्मा को शामिल किया गया है। यह टीम मरीज का प्रतिदिन हालचाल जानेगी और उसे दवाई भी देगी। इसके अलावा प्रतिदिन टीम को मरीज की प्रगति रिपोर्ट भी तैयार करनी होगी।
रोहतक पीजीआई की तर्ज पर नागरिक अस्पताल में भी उच्च स्तरीय चिकित्सकों की एक टीम बनाई गई है, ताकि कोरोना के गंभीर मरीजों को हर समय चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध हो सके। यह टीम रोहतक पीजीआई के प्रोफेसर डॉ. ओपी कालरा के नेतृत्व में काम करने के साथ अस्पताल के किसी भी कोरोना मरीज की देखभाल व उचित उपचार करेगी।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।