जींद। एडीजे जयबीर से मैट्रिमोनियल साइट की फीस के नाम पर सात हजार रुपये ठगने की आरोपी महिला प्रिया रोकड़े को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। इस मामले में अन्य तीन ने भी जमानत याचिका लगाई हुई है। एडिशनल सेशन जज जयबीर सिंह ने 16 फरवरी 2025 को साइबर थाना जींद पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दी थी।
एफआईआर में उन्होंने कहा था कि वह अपने बेटे के लिए वधू की तलाश कर रहे थे। दस फरवरी को उन्हें अज्ञात नंबर से कॉल आया और बेटे से संबंधित जानकारी मांगी गई। इसके बाद अलग-अलग लोगों ने फोन कर विभिन्न लड़कियों के परिवारों से मिलवाने की बात कही। आरोपियों ने मैट्रिमोनियल साइट की फीस के नाम पर दो बार 12 और 14 फरवरी को 3500-3500 रुपये ऑनलाइन डलवा लिए।
इसके बाद एक महिला ने खुद को लड़की की मां और एक अन्य लड़की ने अंजली बनकर बात की। बाद में कॉल सेंटर के कर्मचारियों ने बताया कि लड़की बात करना चाहती है लेकिन दो दिन तक कोई संपर्क नहीं हुआ। शक होने पर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इंदौर में चल रहे फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर पर छापेमारी करते हुए रितु, प्रमिला रोकड़े, प्रिया रोकड़े और सूरज धार्मिक को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों के पास से 90 मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप और 1.40 लाख रुपये बरामद हुए थे। इस मामले में प्रिया रोकड़े ने अदालत में जमानत याचिका लगाई थी लेकिन आरोपी प्रिया रोकड़े की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।