सफीदों। सफीदों निवासी हेमलता क्वात्रा महिलाओं को कढ़ाई व सिलाई का नि:शुल्क प्रशिक्षण देकर उनको आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हुई हैं। इसके अलावा वह फिलहाल दिव्यांग बच्चों की मदद करती हैं तथा जल्द इस प्रकार के बच्चों की सहायता के लिए स्कूल खोलेंगी ताकि इस प्रकार के बच्चों को शिक्षित किया जा सके। कोरोना काल में जब लोग अपने घरों में कैद थे, तब हेमलता क्वात्रा ने लोगों को भोजन, दवाइयां, मास्क तथा सैनिटाइजर पहुंचाए थे।
हेमलता क्वात्रा कंचन फाउंडेशन के नाम से एक संस्था चलाती हैं। इस संस्था के माध्यम से वह नि:शुल्क सिलाई सेंटर व कढ़ाई सेंटर चलाती हैं। उनके इन सिलाई व कढ़ाई सेंटर से अब तक 300 से अधिक युवतियां व महिलाएं अपनी प्रतिभा निखार कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उनकी एक बेटी है, जो दिव्यांग है। अपनी बेटी के सामने आने वाली परेशानियों से रूबरू होने के बाद वह जहां भी कोई दिव्यांग बच्चा मिले, उसकी सहायता करती हैं। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के पालन-पोषण के तरीके अभिभावकों को सिखाती हैं। इसके लिए उनको प्रशिक्षित भी करती हैं ताकि दिव्यांग बच्चों का पालन-पोषण सही तरीके से हो सके। अब वह दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूल खोलना चाहती हैं। जब भी वह किसी जरूरमंद को देखती हैं तो उनका हाथ उसी वक्त सहायता के लिए उठ जाता है। काफी गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं पहुंच पाती। इसके लिए हेमलता क्वात्रा दूर-दराज के गांवों में रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर, फॉगिंग की सुविधा उपलब्ध करवाती हैं।
कई संस्थाएं कर चुकी हैं सम्मानित
हेमलता क्वात्रा को समाजसेवा के कार्य के लिए अनेक संस्थाओं से सम्मान मिला है। जिले के अलावा उन्हें कुरुक्षेत्र, पंचकूला, हिसार की संस्थाएं भी सम्मानित कर चुकी हैं। जिला प्रशासन की तरफ से भी उनको दो वर्ष पहले सम्मानित किया जा चुका है।