फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: जियो फेंसिंग के विरोध में स्वास्थ्यकर्मियों ने रखा उपवास, सेवाओं पर असर नहीं

विज्ञापन
28jjrp26- सिविल सर्जन कार्यालय में उपवास पर बैठे चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी। स्रोत-यूनियन - फोटो : shrinagar news
विज्ञापन
झज्जर। सेक्टर-6 स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में वीरवार को जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के विरोध में डाॅ. आकृति की अध्यक्षता में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना देकर उपवास रखा।
विज्ञापन

स्वास्थ्य एसोसिएशनों ने सिविल सर्जन के माध्यम से राज्य के महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। वहीं चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों के सामूहिक उपवास का असर सिविल अस्पताल में ओपीडी सहित अन्य सेवाओं पर नहीं दिखा। प्रतिदिन की तरह चिकित्सक ओपीडी में मरीजों की जांच करते हुए नजर आए, वहीं अन्य कर्मी भी अपने-अपने कमरों में जांच व अन्य कार्यों में लगे हुए थे।
डॉ. आकृति ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत तमाम अधिकारी व कर्मचारी जब पहले ही बायोमेट्रिक आधारित अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं तो जियो फेंसिंग लोकेशन आधरित उपस्थिति के तहत दर्ज करवाने को कोई औचित्य नहीं रहता।
विज्ञापन

उन्होंने इन आदेशों को अव्यवहारिक व गैर कानूनी तथा भारतीय संविधान में वर्णित निजता के अधिकारों का हनन एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का भी उल्लंघन बताया। उन्होंने बताया कि सभी विधायकों को ज्ञापन देने के बावजूद भी सरकार द्वारा जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज करने के आदेशों को वापस नहीं लेने के रोष स्वरूप सिविल सर्जन कार्यालय के सम्मुख सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे तक उपवास कर रोष जाहिर किया गया है।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि यदि फिर भी सरकार द्वारा जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज करने के आदेशों को वापस नहीं लिया गया तो राज्य कमेटी द्वारा सात सितंबर को दोबारा बैठक करके आगामी आंदोलन का ऐलान करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी लोकतांत्रिक तरीके से लगातार शांतिपूर्वक आंदोलन करते हुए आठ जुलाई को स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कर्मचारी तालमेल कमेटी द्वारा राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को ज्ञापन सौंपा था।
इसमें स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने भरोसा दिया था कि अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत करके समस्या का समाधान निकाला जाएगा और जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के लिए किसी भी अधिकारी कर्मचारी को बाध्य नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री के की ओर से दिए गए भरोसे के बावजूद कुछ अधिकारी लगातार जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज करने के गैर कानूनी आदेशों को वापस लेने की बजाय अनाप-श्नाप पत्र जारी कर सरकार व स्वास्थ्य कर्मचारियों में टकराव पैदा करके स्वास्थ्य विभाग और सरकार को बदनाम करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
इस मौके पर डॉ. पीयूष, नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन से कविता गुलिया, जगदीप सिंह राज्य प्रधान फार्मेसी यूनियन, जितेंद्र जिला प्रधान झज्जर, डॉ. अरुण जिला प्रधान एनएचएम, संदीप कुलताना मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें