फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेना भर्ती के लिए जांच कराने वाले 300 युवाओं को स्वास्थ्य विभाग वापस देगा 500-500 रुपये

विज्ञापन
कोरोना जांच के लिए दी गई फीस वापसी के लिए कागज दिखाते युवा। - फोटो : Jind
विज्ञापन
जींद। अपनी जरूरत के लिए कोरोना जांच कराने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। नौकरी ज्वाइन करने, विदेश जाने या अन्य जरूरत के लिए कोरोना जांच अब मुफ्त में होगी। पहले इसके लिए स्वास्थ्य विभाग उनसे 500 रुपये ले रहा था, लेकिन अब कोरोना जांच के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। सेना भर्ती को आए युवाओं से 500-500 रुपये वसूलने के बाद मामला उठने पर स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय लिया है। इसके लिए डिप्टी सिविल सर्जन की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। जांच के लिए ली गई फीस भी वापस की जाएगी।
विज्ञापन

पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग ने सेना भर्ती के लिए आए करीब तीन सौ युवाओं से कोरोना जांच के नाम पर 500-500 रुपये लिए गए थे। यह मामला उठने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मंथन किया था। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई। जिसमें सामने आया कि पिछले साल सितंबर में जिन लोगों को अपनी जरूरत के लिए कोरोना जांच करानी थी, उनसे स्वास्थ्य विभाग ने 1600-1600 रुपये फीस ली थी। अक्तूबर में यह घटाकर 1200 रुपये कर दी थी। इसके बाद दिसंबर में यह फीस 500 रुपये कर दी गई थी। काफी लोग ऐसे थे, जिनको छुट्टी के बाद अपनी नौकरी ज्वाइन करनी थी, उनको कोरोना जांच कराना अनिवार्य था। इसके अलावा नई नौकरी ज्वाइन करने, विदेश जाने या फिर निजी दफ्तरों में भी लोगों से कोरोना जांच रिपोर्ट मांगी जा रही है। मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग 500 रुपये जांच के नाम पर फीस ले रहा था। 24-25 फरवरी को सेना में भर्ती के लिए कोरोना जांच कराने आए युवाओं के हंगामे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपना रिकार्ड खंगाला तो स्वास्थ्य निदेशालय से एक पत्र मिला, जिसमें कोरोना जांच फ्री करने के आदेश थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन युवाओं के 500-500 रुपये लौटाने का निर्णय लिया है। डॉ. रमेश पांचाल ने अब इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना फीस के रुप में लगभग पांच लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया है। अब इस श्रेणी के लोगों को फीस लौटाई जाएगी।
-----
अस्पताल की 500 रुपये की रसीद दिखाकर होगी रुपये की वापसी
जिन युवाओं ने कोरोना जांच के लिए पैसे दिए हैं, वह अपना ओपीडी कार्ड, कोरोना जांच रिपोर्ट तथा 500 रुपये की रसीद दिखाकर पैसे वापस ले सकते हैं। डॉ. रमेश पांचाल ने कहा कि पहले युवाओं के नाम दर्ज करके उनकी संख्या 100 से अधिक होने पर अस्पताल से पैसे निकाले जाएंगे, क्योंकि यह पैसे अब ट्रेजरी में जमा हो चुके हैं। इसके बाद इन युवाओं को फोन करके बुलाया जाएगा और पैसे वापस दिए जाएंगे।
विज्ञापन

-----
समय-समय पर सरकार की तरफ से आई गाइड लाइन के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच के लिए पैसे लिए हैं। फिलहाल 500 रुपये जांच के लिए लेने के निर्देश थे। अब सरकार की तरफ से आई नई गाइड लाइन के अनुसार कोरोना जांच के लिए कोई फीस नहीं ली जाएगी।
विज्ञापन

-डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें