जींद। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग का एंबुलेंस बेड़ा भी मजबूत हो गया है। मरीजों को अब एंबुलेंस का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले स्वास्थ्य विभाग की दस एंबुलेंस चालकों की कमी के कारण खड़ी थीं। अब रोडवेज से स्वास्थ्य विभाग को 32 ड्राइवर दो महीने के लिए डेपुटेशन पर मिलेेंगे। इससे स्वास्थ्य विभाग की सभी 28 एंबुलेंस चल सकेंगी। सभी एंबुलेंस चलने से स्वास्थ्य विभाग को काफी राहत मिलेगी और हर आपात स्थिति में मरीज तथा अन्य सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में आसानी होगी। ड्राइवरों की कमी के कारण स्वास्थ्य अधिकारियों को भी काफी परेशानी होती थी। इनमें से कुछ ड्राइवर एसएमओ की गाड़ियों पर लगाए जाएंगे, जबकि कुछ एंबुलेंस चलाएंगे।
जिला स्वास्थ्य विभाग के पास कुल 28 एंबुलेंस हैं और 45 ड्राइवर हैं। सभी एंबुलेंस को चलाने के लिए ड्राइवरों की काफी कमी महसूस हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग की इन चालकों से केवल 18 एंबुलेंस ही चल पाती थी। 24 घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कम से कम 25 चालकों की जरूरत थी। इसके अलावा स्वास्थ्य अधिकारियों को भी कहीं जाने के लिए चालकों की जरूरत थी। अब स्वास्थ्य विभाग को 32 चालक रोडवेज से मिल जाएंगे। वीरवार को इनकी स्वास्थ्य विभाग के पास नियुक्ति हो जाएगी।
गर्भवती महिलाओं को भी मिलेगी राहत
एंबुलेंस चालकों की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती थी। कई बार प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती थी। इसके अलावा प्रसव के बाद घर जाने के लिए भी उन्हें कई घंटों तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ता था। नए चालक आने से अब गर्भवती महिलाओं को भी तुरंत समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो सकेंगी।