वैक्सीनेशन कार्य का निरीक्षण करते स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक डॉ. यशपाल। संवाद
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स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को टीका उत्सव मनाया। यह कार्यक्रम 14 अप्रैल तक चलेगा। रविवार को जिले में 4202 लोगों ने कोरोना का टीका लगवाई। स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक डॉ. यशपाल ने वैक्सीनेशन कार्य का निरीक्षण किया तथा जिले में लगाई जा रही वैक्सीन की रफ्तार पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने निजी अस्पताल संचालकों से भी बातचीत की। उनके साथ स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा भी साथ थे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवनीत सिंह ने कहा कि रविवार को जिले में 4202 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई। आठ स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पहली तथा दस ने दूसरी डोज लगवाई। चार फ्रंट लाइन वर्कर ने पहली तथा चार ने ही दूसरी डोज लगवाई। इसके अलावा 45 से 60 वर्ष के बीच की आयु वर्ग के 2331 लोगों ने पहली तथा आठ लोगों ने दूसरी डोज लगवाई। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 1819 बुजुर्गों ने पहली तथा 18 ने दूसरी डोज लगवाई। स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक डॉ. यशपाल ने वैक्सीनेशन कार्य का निरीक्षण किया। डॉ. यशपाल ने कहा कि वैक्सीन लगवाना जरूरी है। वैक्सीन के बाद ही कोरोना संक्रमण से छुटकारा पाया जा सकता है। पहली डोज के 56 दिन बाद दूसरी डोज लगवानी होती है। दूसरी डोज लगाने के बाद ही व्यक्ति में एंटी बॉडीज बनती हैं। यदि कोई व्यक्ति वैक्सीन के बाद भी पॉजिटिव आ जाता है तो इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। इसके बाद डॉ. यशपाल ने निजी अस्पताल में भी जाकर वैक्सीन लगवाने के बारे में बातचीत की। इस पर निजी अस्पताल संचालकों ने कहा कि उन्हें वैक्सीन पैसे में मिलती है जबकि लोग नागरिक अस्पतालों में फ्री में वैक्सीन लगवाते हैं। इस कारण उनके पास बहुत कम लोग ही वैक्सीन लगवाने के लिए आते हैं।