गेहूं का सीजन जोरों पर है तो किसान अपने गेहूं का मंडी में जिस आढ़ती के भरोसे उतार कर घर चला जाता है, वही आढ़ती किसान को घटतौली कर चूना लगा रहे हैं। शनिवार के बाद रविवार को भी जींद की नई अनाज मंडी में किसानों के गेहूं की तौल में हेराफेरी का खेल जारी रहा। सरे आम मंडी में चोरी हो रही है, लेकिन मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर ही कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को मंडी कई दुकानों पर चल रहे गेहूं तौल का निरीक्षण किया तो उनमें 50.600 किलोग्राम की बजाय 50.900 ग्राम पर कांटा सेट किया हुआ मिला। तौल में चल रही चोरी को पकड़े जाने के बाद खुद आढ़ती ने कांटे को ठीक कर गेहूं खरीद जारी रखी। इससे एक आढ़ती से बात की तो उन्होंने बताया कि मंडी से गेहूं का उठान लगभग 10 से 15 दिन बाद होता है। जब तक गेहूं सुखकर कम हो जाता है और खरीद एजेंसियां निर्धारित मात्रा से कम गेहूं मिलने पर उनकी राशि में कटौती करती हैं। इसके कारण वह 300 ग्राम ज्यादा गेहूं तौल में बढ़ाते हैं, ताकि उनको नुकसान नहीं हो। इसके अलावा किसान ने कहा कि उनको कांटे पर हो रहे तौल की ज्यादा जानकारी नहीं है। आढ़ती ने इसके बाद दोबारा से कांटे को 50.600 ग्राम पर सेट कर गेहूं का तौल शुरू करवाया। हालांकि इस बारे में मार्केट कमेटी सचिव के पास किसी किसान की शिकायत नहीं गई।
मार्केट कमेटी के अधिकारी बिना शिकायत नहीं कर रहे कांटों की जांच
मंडी में गेहूं खरीद के समय चल रही कांटों में किसानों के साथ हेराफेरी की मार्केट कमेटी के अधिकारी खुद जांच नहीं कर रहे। जिसके कारण इसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से मंडी में गेहूं खरीद का कार्य जोरों पर है। इसको देखते हुए मंडी में मार्केट कमेटी सचिव को चाहिए कि वह प्रतिदिन तुलाई के कार्य का निरीक्षण करे और किसानों के साथ हो रही अवैध तरीके की लूट को बंद करवाए।
ज्यादा तौल की नहीं मिली शिकायत, शिकायत मिली तो आढ़ती का लाइसेंस किया जाएगा रद्द : संजीव
इस बारे में मार्केट कमेटी सचिव ने कहा कि अगर किसी किसान की शिकायत मिलती है तो वह आढ़ती का लाइसेंस रद्द करेंगे। अभी तक उनके पास ऐसा कोई किसान नहीं आया। जिसने गेहूं के तौल में हेराफेरी की शिकायत दी हो। वह सोमवार से प्रतिदिन मंडी में खुद कांटों का निरीक्षण करेंगे, ताकि किसी किसान के साथ आढ़ती व खरीद एजेंसी ज्यादा गेहूं तौलकर धोखा नहीं करें।
अनाज मंडी में यूपी का गेहूं आने की सूचना पर हंगामा, जांच में पाया पोंकरी खेड़ी के किसान का
शनिवार रात को नई अनाज मंडी में अवैध रुप से यूपी से गेहूं के भरे ट्रक आने की सूचना पर मंडी में हंगामा हुआ। सूचना मिलने पर रात को ही मंडी सचिव ने अपने कर्मचारी को दुकान पर भेजा। इस दौरान दुकान पर खड़े राजस्थान नंबर के ट्रक के दस्तावेजों की जांच की। इसमें पाया कि गेहूं पोंकरी खेड़ी के एक किसान का है और ट्रक में आने के कारण बाहरी होने का शक हुआ
शनिवार रात को किसी आढ़ती ने सूचना दी कि एक दुकान पर अवैध रूप से यूपी के गेहूं का भरा आया ट्रक उतारा जा रहा है। ट्रक का नंबर राजस्थान का है। यह ट्रक बिना गेट पास के मंडी में आया है और मंडी में रात के समय इस तरह की कालाबाजारी चलती है। सूचना मिलने पर मार्केट कमेटी सचिव संजीव कुमार मंडी में संबंधित दुकान पर अपने कर्मचारी को भेजा। ट्रक में आए गेहूं को जांचा गया। जांच के बाद मार्केट कमेटी सचिव ने बताया कि यह गेहूं आढ़ती के पास उसके किसान ने भेजा है। किसान से लिखित में लिया गया है कि वह गेहूं उसका था।
आरोप प्रत्यारोप जारी
हालांकि अधिकारियों ने मान लिया है कि गेहूं पोंकरी खेड़ी के किसान का है, लेकिन मंडी आरोप प्रत्यारोप जारी है। आढ़तियों ने बताया कि यह दो आढ़तियों के बीच का विवाद है। एक आढ़ती बाहर का धान लाकर बेचता है, तो दूसरा गेहूं। इसके चलते ही शिकायत की गई है। मार्केट कमेटी के सूत्रों के अनुसार खरीद में गड़बड़ी हुई है।