जींद। अमरहेड़ी गांव के किसान हवा सिंह छोटे किसानों को बेमौसमी खेती से बड़ी राह दिखा रहे हैं। वे महज आधा एकड़ भूमि पर पिछले 35 साल से बेमाैसमी फलों और सब्जियों की खेती कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। हवा सिंह स्ट्राॅबेरी, ड्रैगन फ्रूट, अदरक, हल्दी, सीताफल, सेब, सलाद पत्ता जैसे फल और सब्जियां उगाते हैं। बेमाैसमी खेती से होने वाली आय से प्रभावित होकर देश-प्रदेश के किसान उनसे सलाह लेते हैं।
शहर से सटे अमरहेड़ी गांव के 62 वर्षीय किसान हवा सिंह के पास मात्र आधा एकड़ जमीन है। पढ़े-लिखे भी कम हैं। वे शुरू से ही सब्जी की खेती करते हैं, लेकिन मौसमी सब्जी कम दाम में बिकती थी। इससे उनका खर्च भी पूरा नहीं हो पाता था। इसके बाद उन्होंने बेमौसमी सब्जी उगानी शुरू की। इसके बाद धीरे-धीरे स्ट्राॅबेरी, ड्रैगन फ्रूट, सेब, नींबू, अमरूद, जामुन, बेलगिरी के पौधे भी लगा दिए, जो अब फल देने लगे हैं। इसके अलावा पुदीना की भी खेती करते हैं, जो मंडी में 300 रुपये किलो के भाव से बिकता है। वहीं, स्ट्राॅबेरी के भाव भी अच्छे मिल रहे हैं। यह 250 रुपये प्रति किलो तक बिकती है।
इस बार उगाई पांच तरह की गोभी
हवासिंह ने इस बार फूल गोभी, पत्ता गोभी, नीले पत्तेवाली गोभी, ब्रोकली और गांठ गोभी उगाई है। इसके अलावा सलाद पत्ता भी उगाया है। इसकी शादी समारोह में ज्यादा मांग रहती है। यह 250 से 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। इसके अलावा वे स्ट्राॅबेरी की पौध भी तैयार करते हैं। यह पौध हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र तक जाती है।
पूर्व डिप्टी सीएम ने की थी सराहना
हवा सिंह को जिला प्रशासन 26 जनवरी 2022 को सम्मानित कर चुका है। वर्ष 2022 को पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी उनके खेत में बेमौसमी सब्जी देखने पहुंचे थे। इस दौरान वे करीब दो घंटे यहां रुके थे और उन्होंने खेत पर ही खाना भी खाया था।
वर्जन-
-वे किसान जिनके पास थोड़ी जमीन है वे मिश्रित खेती कर अपना गुजारा कर सकते हैं। मैं महज आधा एकड़ में बेमौसमी सब्जी उगाकर अच्छी आमदनी कर रहा हूं।
-हवा सिंह, किसान