जींद। रोहतक रोड स्थित निजी अकादमी में 11वीं कक्षा के छात्र के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अकादमी संचालक दीपक ने कक्षा में ब्लैकबोर्ड पर दो मुक्के मारने पर छात्र को 12 थप्पड़ जड़ दिए जिससे उसके कान का पर्दा फट गया। पुलिस ने अकादमी संचालक और प्रिंसिपल प्रिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुरुग्राम निवासी आराधना देवी ने दर्ज एफआईआर में बताया कि कि उनका बेटा सिद्धार्थ चार साल से रोहतक रोड स्थित निजी अकादमी में पढ़ रहा है। छह अक्तूबर को शरारत करते हुए बेटे ने कक्षा में ब्लैकबोर्ड पर दो मुक्के मार दिए। अकादमी संचालक दीपक ने इस गलती पर उनके बेटे को 12 थप्पड़ मारे। इससे उसके कान में गंभीर चोट आई।
शिकायत के अनुसार, बेटे ने कान में दर्द होने की बात निजी अकादमी की प्रिंसिपल प्रिया को बताई तो उन्होंने बाद में जांच करवाने को कहा। बेटे के बार-बार दर्द की शिकायत करने पर प्रिंसिपल ने बेटे को दो थप्पड़ और मारे और दर्द निवारक गोली देकर कक्षा में बैठने के लिए कहा।
आरोप है कि उनका बेटा निजी अकादमी के हॉस्टल में ही रहता है। बेटे दो दिन तक कान में दर्द से परेशान रहा लेकिन अकादमी प्रबंधन ने उन्हें इसकी सूचना नहीं दी। तीसरे दिन एक शिक्षक बेटे को डॉक्टर के पास लेकर गया। जांच के दौरान डॉक्टर ने बताया कि छात्र के कान का पर्दा फट गया है और खून भी निकल रहा है। डॉक्टर ने ऑपरेशन की जरूरत बताई।
इसके बाद अकादमी संचालक छात्र को दूसरे डॉक्टर के पास ले गया जहां कथित तौर पर उसे बताया गया कि कान में कोई गंभीर समस्या नहीं है और चार-पांच दिन में ठीक हो जाएगा। बाद में परिजनों ने नागरिक अस्पताल में जांच करवाई तो कान का पर्दा फटने की बात सामने आई।
मार्कशीट देने के बदले डेढ़ लाख रुपये मांगने का आरोप
आराधना देवी ने आरोप लगाया कि बेटे की दसवीं कक्षा की मार्कशीट मांगने पर प्रिंसिपल ने उनके साथ बदसलूकी की और डेढ़ लाख रुपये देने के बाद ही मार्कशीट देने की बात कही। रुपये नहीं देने पर बेटे का भविष्य खराब करने की धमकी भी दी। उन्होंने पुलिस से अकादमी संचालक व प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई करने और बेटे के शैक्षणिक दस्तावेज दिलवाने की मांग की है।
वर्जन
पुलिस ने मामले में अकादमी संचालक दीपक और प्रिंसिपल प्रिया के खिलाफ मारपीट करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
-प्रवीण कुमार, प्रभारी, शहर थाना पुलिस जींद
उस पर लगाए आरोप निराधार : अकादमी संचालक
अकादमी संचालक दीपक लाठर का कहना है कि उन पर लगाए आरोप निराधार हैं। शरारत करने पर उन्होंने बच्चे को केवल डांटा था। उन्होंने बच्चे के साथ मारपीट नहीं की है।