डीसी विनय सिंह ने कहा कि महिला ही महिला की दुश्मन बन गई है। आखिर गर्भ में कितनी और हत्याएं करवाई जाएंगी। बेटी को जन्म लेने से पहले ही कोख में मरवा दिया जाता है। एक बहू को सही से नहीं रखने के लिए सास उत्तरदायी है। रविवार को भिवानी रोड स्थित गोपाल विद्या मंदिर स्कूल में युवा मित्र मंडल की ओर से आयोजित जरूरतमंद कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में डीसी विनय सिंह मुख्यातिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे।
युवा मित्र मंडल द्वारा 21 कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था, लेकिन एक लड़की के नाबालिक पाए जाने की वजह से 20 कन्याओं की ही शादी करवाई गई। डीसी कहा कि अगर एक मां और सास यह ठान लें कि चाहे बेटा हो या बेटी, वह इस दुनिया में आएगा। तो यह लिंग समानता का सबसे प्रभावी कारण सिद्ध होगा। आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं।
चाहे वह खेल का क्षेत्र हो या शिक्षा का, हर क्षेत्र में बेटियां बेटों से आगे हैं। उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय में आए दिन बुजुर्ग आकर बेटे द्वारा घर से निकाल देने की व्यथा सुनाते हैं। आज वो जमाना बदल गया है, जब लोग सोचते थे कि बेटा ही घर का वंश चलाएगा। डीसी ने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी भी दो बेटियां हैं, जिससे वे स्वयं को बहुत भाग्यशाली समझते हैं। डीसी ने इस मौके पर सभी 20 नवदंपत्ति को आशाीर्वाद देते हुए गर्भ में भ्रूण की लिंग जांच नहीं करवाने की शपथ दिलवाई। क्लब प्रधान पवन सिंगला ने बताया कि संस्था द्वारा लगातार दूसरी बार सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया है। पिछले साल भी संस्था द्वारा 11 गरीब कन्याओं की शादी करवाई गई थी।
मंत्री सर्राफ ने की एक लाख देने की घोषणा
प्रदेश के जन स्वास्थ्य, आबकारी एवं कराधान मंत्री घनश्याम सर्राफ को समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत करनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। मंत्री घनश्याम सर्राफ ने संस्था के प्रतिनिधियों से फोन पर संपर्क कर अपने निजी कोष से समारोह के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा की। इस मौके पर अग्रवाल वैश्य सम्मेलन के प्रधान महेश सिंगला, गोपाल स्कूल के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, प्रदीप भोला, सविता भोला, सुरेंद्र गुप्ता, राजबीर सैनी, शशि बत्तरा, सतीश गोयल, राजेश शर्मा मौजूद रहे।