जींद। नेशनल हाईवे से लेकर लिंक मार्गों पर सड़क किनारे दोनों ओर बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं। जिस कारण यहां के रास्ते झाड़ियों से ढक चुके हैं। जिससे रात के समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग अभी तक नींद में सोया हुआ है। विभाग की इस कार्यप्रणाली पर स्थानीय लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
दिल्ली-संगरूर नेशनल हाईवे की स्थिति तो चिंताजनक हो गई है। हाईवे के किनारे बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। कई जगह हाईवे के किनारे कूड़ा भी डाला हुआ है जो सड़क तक आ गया है। शहरवासियों ने अब यह मामला डीसी जींद के संज्ञान में लाया है, ताकि किसी के साथ हादसा न हो।
दिल्ली-संगरूर नेशनल हाईवे पर एनएचएआई की ओर से लापरवाही की जा रही है, जिससे वहां जानवरों का जमावड़ा बन गया है। हालात हैं कि हाईवे के बीच में बने डिवाइडर में पौधों से अधिक घास उग आई है, जिससे वहां पर बेसहारा पशु विचरण करते रहते हैं। यही दुर्घटनाओं को कारण बन रहा है।
झांझ से सफीदों रोड का रास्ते पर ज्यादा घास उगी हुई है। ऐसे में अब हाईवे पर हादसे होने का अंदेशा रहता है जबकि रात के समय तो यह समस्या और भी बड़ी हो जाती है, क्योंकि बेसहारा पशु रात को हाईवे पर बैठ जाते हैं। इसके बाद भी एनएचएआई इस ओर समय से ध्यान नहीं दे रहा है। इसका खामियाजा आम राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि डिवाइडर के अधिकतर स्थानों में 2-3 फीट तक बड़ी घास उग आई है।
इसके कारण बेसहारा पशु घास चरने के लिए डिवाइडर पर चढ़े रहते हैं। इससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। साथ ही पैदल चलने वाले राहगीरों तक को परेशानी हो रही है। राहगीरों को आने-जाने में जानवरों का भय बना रहता है। सुबह से लेकर रात तक आवारा पशु सड़कों पर डटे रहते हैं। सड़क से हटाने पर दुर्घटनाएं घट जाती हैं। कई बार भारी वाहनों से टकरा कर जानवर भी चोटिल हो जाते हैं, लेकिन इसकी तरफ प्रशासन भी ध्यान नहीं दे रहा है।
अधिवक्ता जेपी जांगड़ा, ऑटो चालक रुपेश, रामकुमार, जोगिंद्र, लोकेश, सतबीर का कहना है कि हाईवे के डिवाइडर में बड़ी-बड़ी घास होने से जानवर सड़क पर आ जाते हैं। फिर पेट भरने के बाद सड़क पर ही बैठ जाते हैं, जिससे आने-जाने में परेशानी होती है। यदि जल्द ही डिवाइडर और दोनों किनारों से घास की छंटाई नहीं की तो आगामी दिनों में हादसे होना आम बात हो जाएगी।
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पौधों की नहीं कराई जा रही देखरेख
इस हाईवे के डिवाइडर में लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख करने की जरूरत है। यहां पर समय पर गुड़ाई, सिंचाई, कटाई की जानी चाहिए, लेकिन पिछले काफी समय से पौधों की देखरेख नहीं की गई है। ऐसे में यहां पर लगाए गए पौधे अभी तक फूल नहीं दे पाए हैं और कई स्थानों में तो पौधे ही गायब हो गए हैं।
वर्जन
यह मामला संज्ञान में आया है। एनएचएआई अधिकारियों को अवगत करवाकर हाईवे पर उगी घास की छंटाई करवाई जाएगी, ताकि आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद