जींद। प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला रविवार को शहर में सफीदों रोड स्थित जयपाल मलिक के आवास पर पहुंचे। वहां पर उन्होंने प्रदेश में गेहूं के उठान व भुगतान को लेकर आ रही परेशानी के बारे में नायब सैनी सरकार पर सवाल उठाए।
इसके बाद उचाना विधानसभा क्षेत्र के अलीपुरा गांव में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि नारनौंद और उचाना मंडी में उन्होंने गेहूं खरीद का जायजा लिया। दोनों मंडियों में दो-दो मंजिल गेहूं के ढेर लगे हैं। पिछले 15 दिनों में किसानों की पेमेंट के जो हालात वह पिछले पांच दशकों में भी नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि 72 घंटे छोड़ो, 10 से 15 दिन पहले किसी भी किसान का भुगतान नहीं हो रहा है। सरसों का भुगतान किए कितने दिन हो गए, अंतिम भुगतान गेहूं की कब आई है। सरकार इसमें पूरी तरह फेल रही है। यह ट्रांसपोर्ट के टेंडर नहीं होने की वजह से हुआ। मंडियों के अंदर किसान पीड़ित हैं। जब वह सरकार को फसल बेच चुका है, उसके बावजूद भी सरकार पिछले 15 दिनों से उनकी मेहनत की कमाई उनके खातों में नहीं डाल रही है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि एमएसपी (मिनिमम सपोर्ट प्राइस) देने का काम हमने किया था। भाजपा ने तो इसे आगे बढ़ाया है, लेकिन कोई ऐसी फसल आई जो पहले किसान की एमएसपी पर नहीं बिकती हो। इस मौके पर जोरा सिंह डूमरखा, प्रदीप पालवां, नसीब घसो, महिपाल खेड़ी मसानिया, पुरुषोत्तम शर्मा और बलराज श्योकंद मौजूद रहे।
-पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की
पहलगाम में हुए हमले पर बोलते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह निंदनीय है। 26 जान इस हमले में गई हैं। देश के वीर सपूत हमारी धरती के जो नेवी में थे। सात दिन शादी के बाद पहलगाम में मार दिया गया। आज 140 करोड़ लोग भारत सरकार के एक्शन का इंतजार कर रहे हैं।