किराना स्टोर पर जाकर सामान की जांच करती खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम।
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जींद। जिला प्रशासन ने किराना दुकान संचालकों को सामान पर अधिकतम खुदरा मूल्य व पैकिंग की तिथि लिखने के लिए आदेश दिए हैं। इसके बावजूद भी अधिकतर स्टोर संचालक प्रशासन के इन दिशा निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं। इस पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सख्ती से काम करना शुरू कर दिया है। इसके तहत बुधवार को सात किराना स्टोरों पर फर्जी ग्राहक बनाकर भेजे और सामान के खुदरा मूल्य की जांच की।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने बुधवार को सात दुकानों का निरीक्षण किया। इसमें से तीन दुकानों के पैकिंग पर तिथि और सामान पर अधिकतम खुदरा मूल्य नहीं लिखा मिलने पर चालान किया। विभाग की टीम अब 14 अप्रैल तक लगातार शहर में खुलने वाले किराना स्टोरों की जांच करेगी। विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि दुकानदार निर्धारित किए गए भाव से ज्यादा महंगे दामों में सामान को बेच रहे हैं। इससे आमजन को परेशानी हो रही है। इस पर विभाग की टीम ने संज्ञान लेकर दो दुकानों पर फर्जी ग्राहक भेजकर सामान की खरीद करवाई। इसमें जो सामान ग्राहक ने खरीदा उस पर न तो पैकिंग की तारीख लिखी थी और न ही इसका खुदरा मूल्य। इसके कारण टीम ने दुकानदार को दुकानों में रेट लिस्ट लगाने व सामान पर अधिकतम खुदरा मूल्य लिखने के लिए भी सचेत किया। इसके अलावा एक दुकानदार दाल को निर्धारित भाव से दस रुपये महंगी बेच रहा था। इसके चलते खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मापतौल अधिकारी ईश्वरदत्त व अमित सैनी ने दुकानदार का निर्धारित भाव से ज्यादा में दाल बेचने पर चालान किया। इसी तरह से तीनों दुकानदारों का चालान कर भविष्य में सामान को निर्धारित भाव पर बेचने के लिए कहा।
विभाग की टीम किराना स्टोरों की लगातार करेगी जांच : सैनी
खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र सैनी ने कहा कि शहर व गांव में जितनी भी दुकानें निर्धारित कीमत से ज्यादा में सामान बेच रही हैं। इन सभी पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम कार्रवाई करेगी। दुकानों की जांच लगातार की जा रही है। अगर कोई दुकानदार सामान पर बिना कीमत लिखे बेच रहा है, या फिर सामान पर पैकिंग की तिथि नहीं है। ऐसे दुकानदारों की शिकायत विभाग को दे सकते हैं।