जींद। नागरिक अस्पताल में कान, गला, नाक के उपचार के लिए आ रहे हैं तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ईएनटी चिकित्सक डा. बृजेंद्र घणघस ने इच्छुक सेवानिवृति (वीआरएस) ले ली है। जो प्रतिदिन 100 से अधिक ओपीडी करते थे। इसके बाद नाक, कान व गले से संबंधित ऑपरेशन भी करते थे।
नागरिक अस्पताल में अब एक और भी ईएनटी डाॅ. अरविंद हैं, जोकि एसएमओ हैं और प्रशासनिक कार्य देख रहे हैं। वह भी ओपीडी करते हैं, लेकिन जितनी ओपीडी डाॅ. बृजेंद्र घणघस के पास थी, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में मरीजों को किस कदर परेशानी होगी। नागरिक अस्पताल के ईएनटी चिकित्सक के कमरे के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग जाती थी। जैसे ही चिकित्सक कमरे में आते और ओपीडी शुरू करते तो पहले दिखाने के चक्कर में धक्का-मुक्की तक होती थी। हालांकि डाॅ. बृजेंद्र भी ओपीडी पूरी करते थे और जब तक उनके कमरे के बाहर मरीज होता तब तक वह उसे देखते थे। मरीजों की मारामारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डाॅ. बृजेंद्र अगर एक मरीज को देखने में पांच से सात मिनट भी लगाएं तो अंतिम नंबर पर आने वाले मरीज को उपचार के लिए कितना इंतजार करना पड़ता होगा।
अब अस्पताल में आने वाले नाक, कान, गले के मरीजों की परेशानियां बढ़ जाएंगी। अस्पताल में एसएमओ का काम देख रहे डाॅ. अरविंद पर प्रशासनिक काम के साथ-साथ ओपीडी का भी भार होगा। डाॅ. बृजेंद्र की सेवानिवृत्ति पर सीएमओ डाॅ. सुमन कोहली, डिप्टी सीएमओ डाॅ. पालेराम, डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला, डाॅ. संदीप लोहान, डाॅ. विजेंद्र ढांडा, एसएमओ डाॅ. अरविंद, डाइटिशियन सुरेंद्र ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। सीएमओ डाॅ. सुमन कोहली ने कहा कि डयूटी के दौरान डाॅ. बृजेंद्र घणघस को जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे उन्होंने बखूबी निभाया।
डाॅ. बृजेंद्र ने वीआरएस ले ली है। सभी चिकित्सकों ने उन्हें भावभिनी विदाई दे दी है। नाक, कान, गले के मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-डाॅ. राजेश भोला डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद।