मालवी गांव के पूर्व सरपंच रामकला जागड़ा ने बुधवार सुबह करीब छह बजे जुलाना रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन आगे कूद कर आत्महत्या कर ली। पुलिस को रामकला की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने पूर्व ग्राम सचिव व एक महिला सहित चार लोगों पर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। फिलहाल जीआरपी ने रामकला के बेटे रविंद्र की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बुधवार सुबह जींद-रोहतक रेलवे ट्रैक पर जुलाना रेलवे स्टेशन व देवरड़ फाटक के बीच मालवी गांव के पूर्व सरपंच रामकला जांगड़ा ने रेलगाड़ी के नीचे आकर आत्महत्या कर ली। मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना जीआरपी को दी। जानकारी मिलने के बाद पहुंची जीआरपी ने शव को कब्जे में ले लिया। रामकला की जेब से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने चार लोगों पर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि यह लोग उससे रुपये की मांग कर रहे थे। उसने इन लोगों को रुपये भी दिए, उसके बावजूद इन लोगों ने दोबारा वीडियो दिखाकर उससे और पैसे मांग रहे थे। सुसाइड नोट में मालवी गांव के कुलदीप उर्फ लाला, पंचायत सचिव अभिमन्यु, गोहाना निवासी बबूल व मुस्कान पर आरोप लगाए हैं। एएसआई राजपाल ने बताया कि मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट के आधार पर उक्त चारों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
वर्ष 2016 में बने थे सरपंच
वर्ष 2016 में रामकला जांगड़ा मालवी गांव के सरपंच बने थे। गांव के कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए रामकला के पास शैक्षिक योग्यता नहीं थी। जो शैक्षिक योग्यता उसने नामांकन के समय दिखाई थी वह फर्जी है। यह मामला अदालत में भी चला था। डीसी ने रामकला को बर्खास्त कर दिया था।
सुसाइड नोट में नहीं वीडियो की जानकारी
पुलिस के अनुसार रामकला ने अपने सुसाइड नोट में यह तो लिखा है कि उसे बंधक बनाकर गोहाना में करीब दो महीने पहले वीडियो बनाया गया था। लेकिन यह नहीं बताया कि वीडियो में ऐसी क्या सामग्री है, जिसके आधार पर उसे ब्लैकमेल किया जा रहा था।
सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची गई थी। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। सुसाइड नोट के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। लेकिन सुसाइड नोट में कुछ चीजें साफ नहीं है। ऐसे में जांच के बाद ही सारी बातें साफ हो पाएंगी। रामकला के पास से मिले सुसाइड नोट में वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल करने की बात है। लेकिन वीडियो किस चीज की है, इसका जिक्र नहीं किया गया है। -जयपाल तोमर, सब इंस्पेक्टर, जीआरपी एवं केस इंचार्ज।