जींद स्थित सतविंद्र राणा का मकान।
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शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार पूर्व विधायक सतविंद्र राणा का जींद से गहरा नाता रहा है। उनकी राजनीति जींद जिले में ही चमकी। हालांकि उनका गृह जिला कैथल है, लेकिन वे जिस राजौंद हलके से दो बार विधायक रहे, उसमें जींद जिला की अहम भागेदारी रही है। जींद के हाउसिंग बोर्ड में सतविंद्र राणा का मकान भी है। हालांकि 2009 के चुनाव में राजौंद विधानसभा क्षेत्र समाप्त होने के बाद वे अपना नया ठौर तलाशते रहे।
राजौंद विधानसभा क्षेत्र में जींद जिला का बड़ा हिस्सा शामिल रहा है। 1991 में सतविंद्र राणा ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन वे जनता पार्टी के उम्मीदवार रामकुमार कटवाल से 2619 मतों से हार गए। इसके बाद 1996 के चुनाव में उन्होंने अपनी हार का बदला लिया और कांग्रेस तिवारी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए समता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे रामकुमार कटवाल को 2924 मतों से हरा दिया। वर्ष 2000 के चुनाव में फिर से उनका मुकाबला रामकुमार कटवाल से हुआ। इस बार रामकुमार कटवाल इनेलो के उम्मीदवार बने तो सतविंद्र राणा कांग्रेस के। इस चुनाव में सतविंद्र राणा 8689 मतों से हार गए। 2005 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ कर इनेलो के बलराज सिंह को 2797 मतों से हरा दिया। इसके बाद परिसीमन की मार पड़ी और राजौंद विधानसभा क्षेत्र समाप्त हो गया। इस विधानसभा क्षेत्र के जींद जिला के अधिकतर गांवों को उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र में जोड़ दिया गया। इसके बाद से सतविंद्र राणा का जींद से खास जुड़ाव नहीं रहा। हालांकि हाउसिंग बोर्ड में उनका मकान है, लेकिन उनका परिवार अब जींद में नहीं रह रहा है।