जींद। राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर मंगलवार को विभिन्न वर्गों ने जंक्शन से अंबेडकर चौक तक पैदल मार्च निकाला। मुख्य बाजारों में व्यापारियों और आम जनता को हड़ताल के समर्थन में पत्रक बांटकर सहयोग की अपील की गई।
मार्च का नेतृत्व संजीव ढांडा, रमेश चंद्र, संदीप जाजवान और वेद प्रकाश अलेवा ने किया। रुपया चौक, झांझ गेट और रेलवे रोड पर नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि सरकार की कॉरपोरेट परस्त नीतियों और अमेरिका के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते से देश की संपदा लूटी जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी के बोझ और बढ़ती महंगाई ने व्यापारियों व आम आदमी की कमर तोड़ दी है जबकि श्रम कानूनों को खत्म कर मजदूरों को गुलामी की ओर धकेला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने लेबर कोड रद्द करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, मनरेगा को सुचारू चलाने और बिजली बिल 2025 को वापस लेने की मांग की। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के हालिया निर्णयों के अनुसार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेका प्रथा पर रोक लगाने पर जोर दिया। इस दौरान कर्मचारी और मजदूर नेता मौजूद रहे, जिन्होंने 12 फरवरी को भारत बंद को सफल बनाने का आह्वान किया।