जींद। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य की गुणवत्ता एक बार फिर चर्चा में है। 11.91 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे नवीनीकरण कार्य के बीच शौचालय परिसर के पास हाल ही में लगाई गईं टाइलें अभी से टूटने लगी हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
टाइलें लगाए एक माह भी पूरा नहीं हुआ। लेकिन कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं। उन पर चलने से खोखलापन महसूस होता है जिससे काम की गुणवत्ता को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ा है।
पुराने भवन के शौचालयों का नवीनीकरण हाल ही में पूरा हुआ था और उन्हें आम उपयोग के लिए खोले हुए लगभग एक महीना ही हुआ हैं। पहले शौचालय बंद रहने की शिकायतें सामने आती रहीं। वहीं अब खुलने के तुरंत बाद टाइलों के टूटने और चटकने की समस्या ने मरीजों व उनके परिजनों की परेशानी बढ़ा दी है। धीरे-धीरे टाइलों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति यह संकेत दे रही है कि निर्माण सामग्री या कार्यप्रणाली में कहीं न कहीं कमी रह गई है।
पिछले कुछ समय से अस्पताल में चल रहे बड़े पैमाने के नवीनीकरण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों और मरीजों की ओर से लगातार शिकायतें मिलती रही हैं। कार्य की धीमी गति तो कभी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
इस मामले में विजिलेंस टीम भी जांच के लिए अस्पताल पहुंच चुकी है लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य को लेकर असंतोष पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। इससे पहले भी शौचालयों में गंदगी, बंद रहने और अव्यवस्था जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं जो उपचार के लिए आने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बनती हैं।
फिलहाल टाइलों के चटकने की घटना ने जीर्णोद्धार कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन निर्माण कार्य की निगरानी कितनी सख्ती से करता है और अस्पताल परिसर में चल रहे विकास कार्यों को तय मानकों के अनुरूप पूरा किया जाता है या नहीं।
सार्वजनिक धन से किए जा रहे कार्यों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। निर्माण कार्य की स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए और यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर अधूरा या खराब निर्माण सीधे तौर पर मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करता है।
- राजकुमार गोयल
जहां-जहां टाइलें टूटी या चटकी हैं उन्हें जल्द ही बदलवाकर ठीक कराया जाएगा। अस्पताल में व्यापक स्तर पर रेनोवेशन कार्य जारी है और कार्य के दौरान सामने आने वाली कमियों को चरणबद्ध तरीके से दूर किया जा रहा है ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
-रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद