जींद। 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 100 दिन का कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम पांच नवंबर से चलाया गया है। अब तक 13 दिन में स्वास्थ्य विभाग ने 500 से अधिक लोगों की जांच की और इनमें से पांच लोग टीबी संक्रमित मिले। 2025 तक जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि टीबी मरीज को ठीक होने में छह महीने का समय लगता है, इसलिए 100 दिन तक अभियान चलाकर जिले के संभावित मरीजों को सामने लाना है और उनको दवाई देकर अगले छह महीने तक ठीक करना है। इसके अलावा मरीजों को टीबी होने के कारणों, उपचार तथा बचाव के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने टीम बनाई है, जो लोगों की लगातार जांच कर रही है। इसके अलावा जिस भी व्यक्ति को एक सप्ताह से अधिक खांसी है, उनको भी अपनी जांच करवानी चाहिए। फिलहाल जिले में 1900 टीबी के मरीज हैं, जो दवाई ले रहे हैं। इनमें से हर महीने मरीजों की संख्या कम हो रही है, क्योंकि जो मरीज लगातार छह महीने दवाई ले रहे हैं, वह ठीक हो रहे हैं। सरकार द्वारा पहले टीबी मरीज को 500 रुपये प्रति माह दिए जाते थे, जो अब बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिए हैं। इससे मरीज अच्छा खाना खाकर टीबी से मुक्त हो सकता है।