रोहतक रोड पर बने गड्ढे का फाइल फोटो।
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जुलाई में हुई बारिश में धंसी रोहतक सड़क, मिनी बाईपास व सफीदों रोड की जांच अब जिला स्तर पर भी होगी। हालांकि पहले ही विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी इसकी जांच कर चुकी है। अब डीसी नरेश नरवाल ने इसके लिए एडीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। इसमें नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग व लोकनिर्माण विभाग के एक्सईएन के साथ-साथ जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई को भी शामिल किया गया है। पांच सदस्यों वाली यह कमेटी चार बिंदुओं पर जांच करेगी। कमेटी गठन के पत्र में कहा गया है कि सड़क धंसने के मामले को सही प्रकार से नहीं लिया गया है।
सड़क धंसने के मामले में सबसे बड़ा विवाद रोहतक रोड बना हुआ है। यहां कोई भी विभाग सड़क धंसने की जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। इसके चलते सड़क को दोबारा बनाने का भी काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में अब डीसी नरेश नरवाल ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। इसके लिए डीसी कार्यालय से पत्र भी जारी किया जा चुका है। गौरतलब है कि रोहतक रोड पर पाइप लाइन नगर परिषद द्वारा डाली गई है, जबकि सड़क बनाने का काम लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। ऐसे सड़क धंसी तो कहा गया कि जनस्वास्थ्य विभाग की सीवर लाइन के कारण पानी रिसाव हुआ है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कह चुके हैं कि उनकी लाइन बहुत पुरानी है। यदि ऐसी दिक्कत आती तो पहले ही होती। इस पर पेंच फंसा हुआ है। अब कमेटी जांच करेगी कि सड़क धंसने के कारण क्या रहे हैं और इसके जिम्मेदार अधिकारी व एजेंसी कौन है। इसके साथ ही इसका स्थायी समाधान भी तलाशा जाएगा।
मिनी बाईपास पर आकर अटक जाता है मामला
हालांकि रोहतक रोड धंसने के लिए लोकनिर्माण विभाग जनस्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद को जिम्मेदार ठहरा रहा है। इस पर इन विभागों के अधिकारी सवाल उठाते हैं कि मिनी बाईपास कैसे धंसा। इस पर फिर कोई जवाब नहीं होता।
इस बारे में डीसी नरेश नरवाल द्वारा जांच कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी एडीसी की अध्यक्षता में होगी और तीनों विभागों के एक्सईएन भी इसमें शामिल होंगे। इसका पत्र मिला है। शुक्रवार को इस पर काम शुरू किया जाएगा। -संजय बिश्नोई, जिला नगरायुक्त।