जुलाना/जींद। पराली जलाने के आरोप में पांच किसानों को गिरफ्तार किया है। पांचों किसानों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
जुलाना पुलिस ने बताया कि बराड़ खेड़ा, बूराडेहर व अकालगढ़ गांव में हरसेक से लोकेशन मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को प्रदूषण फैलाने और सरकार के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप की शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए तीनों किसानों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उनको जमानत मिल गई।
इसी तरह उचाना और जींद क्षेत्र में धान के अवशेष जलाने के आरोप में पुलिस ने दो किसानों को गिरफ्तार किया है। किसानों ने पहचान मांडी कलां निवासी राजबीर और पोंकरीखेड़ी निवासी सत्यवान के रूप में हुई है। आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत पर छोड़ दिया है।
कृषि विभाग की टीम को 28 नवंबर को सूचना मिली थी कि पोंकरीखेड़ी गांव के खेतों में धान के अवशेष जलाए जा रहे हैं। इस पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो सत्यवान के खेतों में धान के अवशेष जलाए हुए मिले। इस पर सदर थाना पुलिस ने सत्यवान के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। दूसरी ओर 25 नवंबर को कृषि विभाग की टीम को सेटेलाइट से सूचना मिली थी कि मांडी कलां के खेतों में धान के अवशेष जलाए जा रहे हैं। इस पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि राजबीर के खेत में आग लगाई हुई थी। इस पर उचाना थाना पुलिस ने आरोपी राजबीर के खिलाफ धान के अवशेष जलाने के आरोप में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।