जींद। जिले में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ने के साथ स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। सोमवार को जिले में स्वाइन फ्लू से पहली मौत का मामला सामने आया। डाहौला गांव निवासी 33 वर्षीय युवक ने पीजीआईएमएस रोहतक में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक सरकारी विभाग में कर्मचारी था। वहीं, जिले में स्वाइन फ्लू के तीन नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
वहीं नरवाना क्षेत्र में आठ वर्षीय बच्चे की मौत को भी संदिग्ध स्वाइन फ्लू से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक बच्चे की मौत की वजह स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि नहीं की है। विभाग की ओर से बच्चे के इलाज से संबंधित दस्तावेज और सैंपल की जांच करवाई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।
स्वाइन फ्लू से मौत की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने मृतक के परिजनों की स्वास्थ्य जांच के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें आसपास के क्षेत्र में भी लोगों की जांच करेंगी और संदिग्ध लक्षण मिलने पर सैंपल लेंगी। ग्रामीणों और शहरवासियों को स्वाइन फ्लू के लक्षण, संक्रमण फैलने के कारण और बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
बड़ौदी के 82 वर्षीय बुजुर्ग और वार्ड 27 का 40 वर्षीय युवक संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सामने आए स्वाइन फ्लू के तीन नए मामलों में एक बड़ौदी गांव का 82 वर्षीय व्यक्ति और दूसरा शहर के वार्ड 27 का 40 वर्षीय युवक शामिल है। वहीं तीसरे व्यक्ति की पहचान नरवाना के हमीरगढ़ निवासी के रूप में हुई है। व्यक्ति हिसार के निजी अस्पताल में दाखिल है। नए मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण वाले मरीजों की सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध मरीजों के सैंपल प्रतिदिन जांच के लिए पीजीआईएमएस रोहतक भेजे जा रहे हैं। नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए विशेष वार्ड भी बनाया गया है।
खांसी-छींक से फैल सकता है संक्रमण
स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, थकान, भूख कम लगना, खांसी और गले में खराश शामिल हैं। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से स्वच्छता का ध्यान रखने, संदिग्ध लक्षण होने पर चिकित्सकीय जांच कराने और संक्रमण की स्थिति में सावधानी बरतने की अपील की है।
डेंगू के मामले भी बढ़े
स्वाइन फ्लू के साथ जिले में डेंगू के मामले भी बढ़ रहे हैं। जिले में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 13 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरजनित बीमारियों के साथ-साथ स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए निगरानी और जांच बढ़ा दी है।
संक्रमित मरीजों पर विभाग की नजर
नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. बिजेंद्र ढांडा ने बताया कि जिले में एक व्यक्ति की मौत स्वाइन फ्लू से हुई है जबकि नरवाना के आठ वर्षीय बच्चे की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। बच्चे के इलाज से संबंधित दस्तावेज और सैंपल की जांच करवाई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि होगी। जिले में स्वाइन फ्लू के अब तक 12 मामले सामने आए हैं और सभी संक्रमित मरीजों पर विभाग की नजर है। डॉक्टरों को स्वाइन फ्लू की गाइडलाइन के अनुसार मरीजों की जांच और संदिग्ध मामलों की सैंपलिंग के निर्देश दिए गए हैं।