जींद। दीपावली पर हुई भयंकर पटाखेबाजी से जिले का प्रदूषण स्तर गंभीर स्थिति में पहुंचकर एक्यूआई 400 पार कर गया। मंगलवार को प्रदूषण का स्तर 421 पहुंच गया है। यह काफी गंभीर श्रेणी मानी जाती है।
दिवाली के अगले दिन भी शहर में पटाखेबाजी की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों पटाखों पर बैन में ढील दी थी और सिर्फ ग्रीन पटाखे फोड़ने के इस्तेमाल की इजाजत दी थी। उसके बावजूद प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ चुका है।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक जींद का आबोहवा गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। सर्दियों के आगमन पर त्योहारी सीजन के चलते जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक में लगातार गिरावट और हवा में जहर धुलने लगता है।
कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से संपूर्ण इलाके में बादलों की आवाजाही से यह स्थिति और भी विकराल रूप धारण किए हुए है। वातावरण में जहरीले प्रदूषक तत्व निचले स्तर पर ही बने हुए हैं।
पराली जलाने के आठ मामले आए सामने
जिले में अब तक धान के अवशेष जलाने के आठ मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इन पर जुर्माना भी लगाया है। सरकार ने आतिशबाजी पर भी पाबंधी लगाई हुई थी। इसके बावजूद भी त्योहार पर जिले में जमकर आतिशबाजी हुई।
पटाखों की बिक्री पर नहीं लगी लगाम
पुलिस ने कई क्विंटल पटाखे दिवाली से पहले दुकानों व गोदामों से पकड़े जरूर लेकिन चोरी छिपे शहर में हर व्यक्ति को पटाखे दुकानों से मिल रहे थे। इसके चलते रातभर में ही एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच गया।
दमा, खांसी और चर्म रोग के मरीज बढ़े
गंभीर एक्यूआई से नागरिक अस्पताल में आम दिनों की अपेक्षा ओपीडी सामान्य रही लेकिन आंखाें की जलन, सांस के रोगियों व चर्म रोगियों की संख्या आम दिनों से लगभग 100 तक ज्यादा हुई। इसको लेकर चिकित्सक भी गाइडलाइन जारी कर रहे हैं।
जहरीली हुई जिले की हवा
नोडल अधिकारी ने बताया कि बादलों की आवाजाही और प्रदूषकों की मात्रा में इजाफा से सूर्य की रोशनी भी धुंधली पड़ गई है। दीपावली की रात हरियाणा एनसीआर दिल्ली में जमकर हुई आतिशबाजी के बाद सड़कों पर बिखरे बम-पटाखों के अवशेष और हवा में फैला धुआं, शहर को एक घनी धुंध की चादर में लपेट गया। आसमान में दूर तक फैली यह धुंधली परत उत्सव की चमक के साथ प्रदूषण की गंभीर तस्वीर भी पेश करती दिखी।
ग्रैप-3 की पाबंदियां स्थिति बनी
जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को एक्यूआई गंभीर स्थिति में पहुंच गया। इसको लेकर पाबंदियां लगाने की जरूरत है ताकि जिला के लोगों के स्वास्थ्य को सुधारा जा सके। एक्यूआई 301-400 के बीच ग्रैप-2 और 401 पहुंचने पर ग्रैप-3 की पाबंदियां लगाए जाने के निर्देश होते हैं।
वर्जन
अगर आंखों में जलन होती है तो पानी से उन्हें अच्छी तरह धो लें और यदि ऐसा करने से कोई राहत नहीं मिलती है तो डॉक्टर को दिखाएं। घर से निकलने के समय अच्छी गुणवत्ता का चश्मा और मास्क पहनें। घर छोड़ने से पहले अपने चेहरे को ढककर रखें। -डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस
21जेएनडी26: फरैण गांव में सुबह एक्यूआई बढ़ने से छाया स्मॉग। संवाद